
Rajasthan : जयपुर. राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि एयरपोर्ट निर्माण से जुड़े सभी कार्य समानांतर रूप से संचालित किए जाएं, ताकि रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग, एटीसी टावर सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण एक साथ आगे बढ़ सके। बैठक में बताया गया कि कोटा-बूंदी न्यू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट 4 अक्टूबर 2027 तक तैयार हो जाएगा, जिसकी सालाना यात्रीभार क्षमता 20 लाख होगी। इस एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क बनाए जाएंगे।
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को आधुनिक विमानन सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर 20 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसकी यात्री क्षमता प्रतिवर्ष 20 लाख होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 14 चेक-इन काउंटर और 9 सेल्फ चेक-इन कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित बैगेज हैंडलिंग सिस्टम और बैगेज क्लेम कैरोसेल की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
एयरपोर्ट पर आधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) व्यवस्था के लिए जी+3 मंजिला तकनीकी ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अग्निशमन सेवाओं के लिए फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एयरपोर्ट पर 1 मेगावाट पीक क्षमता का ग्राउंड माउंटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे एयरपोर्ट की वार्षिक ऊर्जा खपत का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होगा।
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 250 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का एमबीबीआर आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किया जाएगा। इसमें जीरो डिस्चार्ज की व्यवस्था होगी। एयरपोर्ट पर यात्रियों एवं वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए 6 लेन की एप्रोच रोड विकसित की जाएगी। इसके साथ ही 300 कारों और 70 टैक्सियों की पार्किंग सुविधा तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी उपलब्ध होंगे।
इस प्रकार कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर विमान संचालन क्षमता, ऊर्जा दक्षता, पर्यावरण संरक्षण और सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विश्वस्तरीय आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। बैठक में प्रमुख शासन सचिव नागरिक उड्डयन विभाग नवीन जैन,एअरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया, उर्जा विभाग सहित सम्बंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।