
शादाब अहमद / नई दिल्ली। राजस्थान ( Rajasthan ) के अजमेर जिले के शहरी इलाकों में पांच दिन और गांवों में आठ दिन में लोगों को पानी मिल रहा है। बीसलपुर बांध ( Bisalpur dam ) सूखने की कगार पर है। ऐसे में नदियों और बांधों को जोडऩे की योजनाओं को सरकार को जल्द से जल्द मंजूरी देनी चाहिए। यह बातें लोकसभा ( loksabha ) में बुधवार को राजस्थान के दो सांसदों ने सरकार के सामने उठाई।
अजमेर से सांसद भागीरथ चौधरी ( Ajmer MP Bhagirath Chaudhary ) ने शून्यकाल ( Loksabha Zero Hour ) में पानी की समस्या उठाते हुए कहा कि जयपुर, अजमेर समेत राजस्थान के बड़े हिस्से को पेयजल उपलब्ध करवाने वाला बीसलपुर बांध सूखने के कगार पर है। अजमेर क्षेत्र में पेयजल समस्या ( drinking water problem ) गहरा गई है। राजस्थान में भाजपा सरकार ( BJP government ) के समय ब्राह्मणी नदी का पानी बीसलपुर बांध में पहुंचाने की योजना बनी थी। राजस्थान में कांग्रेस की सरकार ( Congress government ) बनने के बाद इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। केन्द्र सरकार को इसकी मंजूरी देनी चाहिए, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
वहीं करौली-धौलपुर से सांसद मनोज राजोरिया ( MP Manoj Rajoria ) ने जल शक्ति मंत्रालय ( ministry of water resources ) बनाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( PM Narendra Modi ) का धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने पूर्वी राजस्थान नहरी योजना का मसला उठाते हुए कहा कि यह केन्द्र में लंबित पड़ी हुई है। करीब 38 हजार करोड़ की इस योजना को मंजूर कर केन्द्र सरकार 13 जिलों की जनता को फायदा पहुंचा सकती है।
राज्य सरकार भी उठा चुकी है यह मामला
पिछले दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) भी केन्द्र के सामने इआरसीपी को मंजूर करने की मांग कर चुके हैं।