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लोकसभा में दिखने लगी राजस्थान के बिड़ला की छाप, बढ़ी काम की रफ्तार, दो दिन में लिए 18 सवाल

Loksabha : लंबे समय बाद प्रश्नकाल शांति से चला, दस सवाल तक लिए
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शादाब अहमद / नई दिल्ली। अक्सर हंगामे की भेंट चढ़ता रहा लोकसभा ( loksabha ) का प्रश्नकाल ( Loksabha Question Hour ) इस बार शांति से चलता दिख रहा है। लोकसभा के नए अध्यक्ष ओम बिड़ला ( loksabha speaker Om Birla ) की इसे बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है। ओम बिड़ला ( Om Birla ) ने एक घंटे के प्रश्नकाल में सांसदों के दस सवाल तक लिए और मंत्रियों से उनके जवाब लिए। जहां सोमवार को दस सवाल और मंगलवार को आठ सवाल लेकर मंत्रियों से उनके जवाब दिलवाए गए।

लोकसभा में अक्सर प्रश्नकाल में सांसद हंगामा करते रहे हैं और इसके चलते अधिक से अधिक चार सवाल तक लिए जाते रहे हैं। कोटा से सांसद ओम बिड़ला ने सदन का अध्यक्ष बनने के बाद अनुशासन, नियम और परम्पराओं से चलाने का आश्वासन दिया था। सदन के शुरुआत में ही वह इस कोशिश में जुट भी गए, यही वजह रही कि सांसदों को अधिक सवाल करने का मौका मिल रहा है। मंगलवार को प्रश्नकाल में आठ सवाल लिए गए। जबकि इसके शुरुआत में सांसद नुसरत जहां और मिमी चक्रवती ने सांसद के शपथ लेने से कुछ वक्त उसमें भी बीता।

वहीं प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रजंन चौधरी और किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने बिहार में डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चों की मौत का मामला उठाकर व्यवधान करने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष ने सदन में प्रश्नकाल को शुरू करवा दिया। इससे पहले सोमवार को सांसदों के दस सवाल लिए गए थे। लोकसभा के सूत्रों का कहना है कि एक प्रश्नकाल में इतने सवाल लेना रिकॉर्ड जैसा है। लंबे समय से प्रश्नकाल में अधिकतम 4 या 5 सवाल लिए जा रहे थे।

बेनीवाल ने उठाया किसान आत्महत्या मामला
लोकसभा में मंगलवार को राजस्थान के श्रीगंगानगर के किसान की आत्महत्या ( farmer suicide case ) का मामला गूंजा और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ( hanuman beniwal ) ने इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की। बेनीवाल ने कहा कि 2 दिन पूर्व गंगानगर जिले में किसान ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। साथ ही उसने सुसाइड नोट पर राजस्थान के मुख्यमंत्री को उसकी मौत के लिए जिम्मेदार बताया। ऐसे में इस मामले में मुख्यमंत्री पर आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए।

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