जयपुर

LPG Gas Cylinder Crisis in Rajasthan : ‘ग्राउंड ज़ीरो’ पर हालात हो रहे खराब- लोग परेशान, लेकिन ‘AC कमरों’ में बैठे मंत्री-अफसर कह रहे ‘ऑल इज़ वेल’, जानें ताज़ा हालात   

राजस्थान में रसोई गैस (LPG) को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। एक तरफ सचिवालय के 'एसी कमरों' में बैठे मंत्री और अफसर दावा कर रहे हैं कि प्रदेश में गैस का पर्याप्त स्टॉक है, वहीं 'ग्राउंड ज़ीरो' पर आम जनता एक-एक सिलेंडर के लिए दर-दर भटक रही है।
2 min read
Mar 13, 2026
Feature image

राजस्थान में रसोई गैस की किल्लत अब एक गंभीर संकट का रूप ले चुकी है। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने गुरुवार शाम प्रेस वार्ता कर दावा किया कि राजस्थान में गैस का 'पर्याप्त स्टॉक' है और घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन धरातल पर हालात इसके उलट हैं। 'पत्रिका' के एक विशेष सर्वे और ग्राउंड रिपोर्ट में यह सामने आया है कि जयपुर से लेकर जोधपुर तक उपभोक्ता 'स्टॉक खत्म है' और 'गाड़ी नहीं आई' जैसे बहाने सुनकर खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।

मंत्री का दावा: 'विजिलेंस दल तैनात, 3 दिन में होगी डिलीवरी'

खाद्य मंत्री सुमित गोदारा ने सचिवालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण पैनिक बुकिंग रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

  • नई बुकिंग सीमा: अब शहरी उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण उपभोक्ता 45 दिन से पहले गैस बुक नहीं करा सकेंगे।
  • विजिलेंस टीम: कालाबाजारी रोकने के लिए हर जिले में कलेक्टर और एसपी के निर्देशन में विजिलेंस दल गठित किए गए हैं।
  • पॉइंट डिलीवरी बंद: अब गैस एजेंसी पर जाकर सिलेंडर नहीं मिलेगा, केवल होम डिलीवरी होगी जो ओटीपी (OTP) आधारित होगी।

ग्राउंड रिपोर्ट: 72% उपभोक्ताओं को मिला 'नो स्टॉक' का जवाब

सरकारी दावों के उलट, जमीनी हकीकत डराने वाली है। सर्वे के अनुसार:

  • लंबा इंतजार: 45% उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 7 दिन से ज्यादा का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं 32% लोग पिछले 4-7 दिनों से कतार में हैं।
  • एजेंसी के बहाने: 72.5% ग्राहकों को एजेंसियों ने यह कहकर लौटा दिया कि 'पीछे से गाड़ी नहीं आई' या 'स्टॉक खत्म हो गया है'।
  • झूठे मैसेज: कई जिलों में उपभोक्ताओं को मैसेज मिल रहे हैं कि उन्होंने सालभर का कोटा पूरा कर लिया है, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं था।

ब्लैक का खेल: सवाई माधोपुर और जयपुर में 'प्रीमियम' पर सिलेंडर

संकट के इस दौर में कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। सर्वे में 15% लोगों ने स्वीकार किया कि उन्हें अतिरिक्त पैसे (प्रीमियम) देने पर तुरंत सिलेंडर देने का ऑफर मिला। इसमें 60% मामलों में एजेंसी कर्मचारी और 40% में डिलीवरी बॉय शामिल हैं। सवाई माधोपुर और राजधानी जयपुर से ऐसी सर्वाधिक शिकायतें मिली हैं।

इन जिलों में सबसे ज्यादा 'त्राहिमाम'

गैस का संकट केवल राजधानी तक सीमित नहीं है। सर्वे में जयपुर, जोधपुर, अलवर और टोंक में सबसे ज्यादा परेशानी दर्ज की गई है। इसके अलावा श्रीगंगानगर, पाली, राजसमंद और बूंदी में भी रिफिलिंग को लेकर लंबी वेटिंग चल रही है। लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर खाली सिलेंडर की कतारें लगाकर खड़े हैं, जबकि सरकार कह रही है कि 'स्थिति सामान्य है'।

हेल्पलाइन नंबर जारी: गड़बड़ी होने पर यहाँ करें शिकायत

मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि अगर कहीं भी कालाबाजारी या अवैध भंडारण हो रहा है, तो उपभोक्ता इन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं:

  • 112 (पुलिस हेल्पलाइन)
  • 14435 (विभागीय हेल्पलाइन)
  • 181 (राजस्थान संपर्क)
Updated on:
13 Mar 2026 10:26 am
Published on:
13 Mar 2026 10:26 am