LPG Cylinder Prices Hiked: राजस्थान में आम जनता और व्यापारियों को महंगाई का एक और झटका लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलो) सिलेंडर की कीमतों में 49 की बढ़ोतरी कर दी है। इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर होटल, रेस्तरां और खान-पान से जुड़े छोटे कारोबारियों पर पड़ेगी।
LPG Cylinder Prices: फरवरी महीने की पहली तारीख और बजट के उत्साह के बीच तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका दिया है। 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 49 की बढ़ोतरी की गई है। यह नई दरें आज, 1 फरवरी से प्रभावी हो गई हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस (14.2 किलो) के दामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत के मुताबिक, प्रदेश में 19 किलो वाले सिलेंडर पर 49.50 रुपये का इजाफा हुआ है। इसके बाद अब सिलेंडर 1719.50 की जगह 1769.50 में मिलेगा।
कमर्शियल गैस की कीमतों में पिछले दो महीनों से लगातार तेजी देखी जा रही है। इससे पहले जनवरी में कंपनियों ने 111 की भारी बढ़ोतरी की थी। दिसंबर में कीमतें गिरकर 1,580.50 तक आ गई थीं।
लेकिन नए साल की शुरुआत से ही कीमतों में उछाल का सिलसिला जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों और मुद्रा विनिमय दर में बदलाव को इस वृद्धि का मुख्य कारण माना जा रहा है।
जहां एक तरफ घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर के दाम 8 अप्रैल 2025 के बाद से स्थिर हैं। कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को कीमतों की समीक्षा करती हैं। फिलहाल, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव न होना राहत की बात है।
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्तरां और हलवाईयों की लागत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर आम आदमी की थाली और बाहर मिलने वाले खान-पान पर पड़ सकता है।
-होटल कारोबारी, गोविंद प्रजापत
जयपुर में टूरिज्म सीजन अपने चरम पर है, ऐसे में गैस के बढ़ते दाम हमारी लागत को बढ़ा रहे हैं। अगर यह सिलसिला जारी रहा, तो हमें मजबूरी में खाने की थाली और मैन्यू के दाम बढ़ाने पड़ेंगे।
-विजय अरोड़ा, रेस्टोरेंट मालिक, जयपुर
शादियों का सीजन चल रहा है और हलवाइयों के लिए कमर्शियल गैस मुख्य ईंधन है। एक बड़ी शादी में दर्जनों सिलेंडर लगते हैं। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर कैटरिंग के बजट को बिगाड़ देगी। सरकार को कम से कम बजट के दिन तो ऐसी घोषणाओं से बचना चाहिए था।
-रामेश्वर प्रसाद, सदस्य, हलवाई संघ
हम जैसे छोटे दुकानदार जो कचौरी, समोसे या चाय बेचते हैं, उनके लिए हर 10 की बढ़त मायने रखती है। हम ग्राहकों से अचानक 2 एक्स्ट्रा नहीं मांग सकते, इसलिए यह सारा बोझ हमारे मुनाफे पर पड़ता है। कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें अब छोटे व्यापारियों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
-मदनलाल, थड़ी संचालक, मानसरोवर