जयपुर

सरकार की सख्ती से एलपीजी आपूर्ति होगी पारदर्शी और सुचारू

सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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Mar 19, 2026
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(फोटो- Patrika.com)

जयपुर. प्रदेश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति को और अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अब बिना ओटीपी सत्यापन और डायरी में एंट्री के किसी भी उपभोक्ता को गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।

बैठक में विभागीय अधिकारियों एवं गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ प्रदेश में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में उपभोक्ताओं को बुकिंग के 3 से 4 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, अन्नपूर्णा रसोइयों और धार्मिक स्थलों पर भी गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुचारू बनी हुई है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए आम नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

हालांकि, कुछ गैस एजेंसियों में बिना ओटीपी और डायरी एंट्री के सिलेंडर वितरण के मामले सामने आए हैं, जिससे गैस की कालाबाजारी और डाइवर्जन की समस्या उत्पन्न होती है। इसे गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि अब हर हाल में ओटीपी वेरिफिकेशन और डायरी एंट्री अनिवार्य होगी। इससे फर्जी बुकिंग और अवैध वितरण पर पूरी तरह रोक लग सकेगी और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध होगी।

मंत्री ने गैस कंपनियों को निर्देश दिए कि वे इस नई व्यवस्था के बारे में उपभोक्ताओं और एजेंसियों में व्यापक जागरूकता फैलाएं। इसके लिए पोस्टर, बैनर और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा ताकि हर उपभोक्ता को इस नियम की जानकारी हो सके।

इसके अलावा, गैस कंपनियों के फील्ड अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें। प्रत्येक फील्ड अधिकारी को प्रतिदिन कम से कम एक गैस एजेंसी का निरीक्षण करना होगा और जियो टैगिंग के साथ रिपोर्ट विभाग को भेजनी होगी। विशेष रूप से दूरदराज क्षेत्रों की एजेंसियों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

विभाग के शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है और विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ने से अब अनावश्यक बुकिंग में कमी आई है, जिससे सर्वर भी सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, सरकार की यह पहल एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और उपभोक्ता हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य बिंदु

क्रमांकप्रमुख बिंदु
1बिना ओटीपी और डायरी एंट्री के गैस सिलेंडर डिलीवरी नहीं होगी
2फर्जी बुकिंग और डाइवर्जन रोकने के लिए सख्त नियम लागू
33-4 दिन में उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध
4प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद
5अस्पतालों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों को निर्बाध आपूर्ति
61300 गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमित वितरण
7गैस कंपनियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश
8फील्ड अधिकारियों को रोजाना निरीक्षण अनिवार्य
9जियो टैगिंग के साथ निरीक्षण रिपोर्ट भेजना होगा
10कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर सख्त कार्रवाई

Updated on:
20 Mar 2026 10:45 am
Published on:
19 Mar 2026 08:10 pm