
जयपुर। सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हुए विवाद और मारपीट के बाद राजस्थान की सियासत गरमा गई है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान के बाद अब सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने उन पर तीखा पलटवार किया है। रांका ने शिक्षा मंत्री पर सीधे तौर पर निशाना साधते हुए उनके कामकाज और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मदन दिलावर का समय अब खत्म हो चुका है।
दरअसल, रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंची सीजेपी की टीम के साथ ग्रामीणों का विवाद हो गया। इस दौरान मारपीट का भी मामला सामने आया। घटना के बाद आशुतोष रांका ने आरोप लगाया था कि उनकी टीम के साथ मारपीट की गई, गाड़ियों में तोड़फोड़ हुई और महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई। उन्होंने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी।
इस पूरे विवाद के बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी किया। उन्होंने लिखा कि विद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। दिलावर ने आरोप लगाया कि कुछ कथित राजनीतिक दलों से जुड़े लोग स्कूलों में जाकर अनावश्यक रूप से माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य निर्माण का पवित्र परिसर है, जहां राजनीति के बजाय शिक्षा, संस्कार और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
मंत्री ने शिक्षकों, अभिभावकों और आमजन से ऐसे प्रयासों से बचने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि निहित स्वार्थ और क्षणिक वाहवाही के लिए स्कूलों का वातावरण खराब करने के प्रयासों से सभी को सजग रहना चाहिए।
मदन दिलावर के इस बयान पर आशुतोष रांका ने बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। रांका ने कहा, 'आपसे ज़्यादा नाकारा, नाकाबिल और भ्रष्ट शिक्षा मंत्री पूरे देश ने नहीं देखा।' उन्होंने शिक्षा मंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि उनमें दो मिनट शिक्षा के मुद्दे पर बात करने का भी दम नहीं है।
रांका ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री को केवल गुंडागर्दी और हिंसा फैलाना आता है। उन्होंने कहा, 'हमारे बच्चे भैंसों के तबेले में पढ़ते रहे, इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ता।' रांका ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री चाहते हैं कि प्रदेश के बच्चे भी उनकी तरह अनपढ़ और गुंडे बनें।
रांका यहीं नहीं रुके। उन्होंने मदन दिलावर को सीधे चेतावनी देते हुए कहा, 'आपका टाइम खत्म हो चुका है। जितनी गुंडागर्दी करनी है कर लीजिए।' उनके इस बयान के बाद स्कूल विवाद अब महज स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की स्थिति और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर बीजेपी और सीजेपी के बीच सीधा टकराव बनता दिखाई दे रहा है।
इससे पहले हमले के बाद आशुतोष रांका ने मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि स्कूल निरीक्षण के दौरान उनकी टीम पर हमला पहले से सुनियोजित था और पुलिस भी मौके पर मूकदर्शक बनी रही। रांका ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को शिक्षा के मुद्दे से आगे बढ़ाकर सीधे मदन दिलावर के खिलाफ किया जाएगा।
वहीं, मदन दिलावर लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि विपक्षी दल राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधारों से परेशान हैं और स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पैदा करना चाहते हैं। ऐसे में अब रांका के ताजा पलटवार के बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं।