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कॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका को ग्रामीणों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, मामले पर क्या बोले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर जयपुर में हुए हमले के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा बयान सामने आया है। मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच को राजस्थान की प्रगति रास नहीं आ रही है।
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शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। फोटो: एएनआई

जयपुर। सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका और उनके साथियों पर जयपुर में हुए हमले के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस के नेता बीजेपी पर निशाना साध रहे है। वहीं, दूसरी ओर सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग करते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। आशुतोष रांका ने कहा कि अगर हमला करने वालों को 48 घंटे में गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा। इसी बीच शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बड़ा बयान सामने आया है। मदन दिलावर ने कहा कि कांग्रेस और कॉकरोच को राजस्थान की प्रगति रास नहीं आ रही है। ये लोग झेंप मिटाने के लिए मदन दिलावर का इस्तीफा मांग रहे हैं।

रामपुरा-कंवरपुरा के सरकारी स्कूल में निरीक्षण के लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों पर हुए हमले को लेकर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि भाजपा हमेशा चाहती है कि राजस्थान के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। बच्चे पढ़ें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। राजस्थान सरकार इस दिशा में ईमानदारी और पूरी ताकत के साथ काम कर रही है। लेकिन कांग्रेस और कॉकरोच को राजस्थान में हो रही यह प्रगति पसंद नहीं आ रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शिक्षा विभाग लगातार प्रगति क्यों कर रहा है? राजस्थान क्यों आगे बढ़ रहा है? शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार क्यों हो रहा है? इन लोगों को शायद यह पसंद नहीं है।

प्रदेश में पैदा करना चाहते है जंतर-मंतर जैसा वातावरण

उन्होंने कहा कि राजस्थान में बोर्ड प​रिक्षाओं में सबसे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी सरकारी स्कूलों के है, इसलिए इनको पीड़ा हो रही है। ये हमारे बच्चों को अशिक्षित देखना चाहते है। इसलिए स्कूलों में जाकर बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान पैदा कर रहे है। लेकिन, प्रदेश की जनता सब जानती है। इन लोगों ने दिल्ली में जंतर-मंतर पर जैसा वातावरण बनाया था, वैसा ही वातावरण ये राजस्थान में पैदा करना चाहते है। लेकिन राजस्थान की जनता जागरूक हो गई है। अपने ब​च्चों की शिक्षा में व्यवधान कौन बर्दाश्त करेगा। इसलिए ग्रामीणों ने आज विरोध किया।
ग्रामीण नहीं चाहते असंस्कारी और मर्यादित भाषा उनके बच्चे सीखें, इसलिए विरोध किया है। कॉकरोच पार्टी के लोगों को गांव में घुसने नहीं दिया और कांग्रेस-कॉकरोच को मुंह छिपाकर भागना पड़ा। ये लोग अपनी झेंप मिटाने के लिए मदन दिलावर का इस्तीफा मांग रहे है।

शिक्षा के मामले में 14वें से चौथे स्थान पर आया राजस्थान

मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि चाहे गांव के लोग हों या शहर के, हर कोई चाहता है कि उनके बच्चों को अच्छी, मूल्यों पर आधारित और बेहतरीन शिक्षा मिले। इस मामले में राजस्थान आगे है। अगर मैं तीन साल पहले की बात करूं, जब कांग्रेस की सरकार थी तो शिक्षा के मामले में राजस्थान 14वें स्थान पर था। आज यह चौथे स्थान पर आ गया है। वहीं, मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता खुद सीजेपी के मास्क पहनकर इलाके में कई जगहों पर गड़बड़ी फैलाने की साज़िश रच रहे थे। कांग्रेस कार्यकर्ता खुद सीजेपी के मास्क पहन रहे हैं और अपने ही लोगों पर पत्थर फिंकवा रहे हैं। इसी वजह से वे हताश हैं और हमारे बच्चों को शिक्षित करने तथा स्कूलों में सुधार के प्रयासों को बाधित करना चाहते हैं।

आशुतोष रांका ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम

इससे पहले सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा था कि आज पूरे देश ने बीजेपी की गुंडागर्दी लाइव देखी। वहां पत्थरबाजी हो रही थी, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। पुलिस ने कहा कि वे कुछ नहीं करेंगे। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि यह सब मदन दिलावर के कहने पर किया गया। हमारे वॉलंटियर्स के हाथ तोड़ दिए गए। हमारी गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। ग्रामीणों ने हमारी टीम की महिलाओं पर पत्थर फेंके और उनके मोबाइल तोड़ दिए। यह सब पहले से तय था।

आशुतोष रांका ने कहा कि ये मदन दिलावर के कहने पर हुआ। हम 48 घंटे का समय दे रहे हैं, ये सारे गुंडे अरेस्ट होने चाहिए और आप आदेश वापस लीजिए, नहीं तो ये आंदोलन शिक्षा से बढ़कर मदन दिलावर पर जाएगा। हम तुम्हारी गुंडागर्दी से डरने वाले नहीं हैं। शर्म आनी चाहिए तुम लोगों को, भैंसों के तबेले में स्कूल चल रहा है। एक साल पहले भी मैं इस स्कूल में जाकर आया था, तब भी यह स्कूल भैंसों के तबेले में था और आज भी ये भैंसों के तबेले में है। हम उसकी मरम्मत करवाना चाहते हैं। वहां बीजेपी के गुंडे मौजूद थे। यह राजस्थान के लोकतंत्र में एक काला दिन है।