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‘क्या है CJP?’ जयपुर में हुई मारपीट को लेकर बीजेपी विधायक का बड़ा बयान, बोले- घर के अंदर कॉकरोच का कोई महत्व नहीं

जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा में CJP टीम के साथ हुई मारपीट के मामले पर बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा और स्वामी बालमुकुंदाचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। जानें उन्होंने क्या कहा?
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बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा (Photo-ANI)

जयपुर में स्कूलों का जायजा लेने पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की टीम के साथ हुई मारपीट वाले मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। सीजेपी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये गुंडे बीजेपी पार्टी के थे। वहीं अब इसी मुद्दे पर बीजेपी के भी नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा से मीडिया ने जब इस घटनाक्रम को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि है क्या सीजेपी। आप कॉकरोचों की बात कर रहे हैं।

गोपाल शर्मा ने और क्या कहा?

आगे उन्होंने कहा कि घर के अंदर कॉकरोच का कोई महत्व नहीं है। घर के अंदर बच्चों का महत्व है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज कल जो Gen-Z को उम्र से जोड़ते हैं, हमारे इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण Gen-Z खुदीराम बोस है।

स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने क्या कहा

बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के मुताबिक ग्रामीणों ने CJP टीम का बहिष्कार करते हुए उन्हें इलाके में प्रवेश नहीं करने दिया। उन्होंने कहा कि स्कूलों की स्थिति पहले के मुकाबले काफी सुधरी है। बीजेपी सरकार के आने के बाद कई जगह नए स्कूल भवन बनाए गए हैं। उन्होंने माना कि सब कुछ परफेक्ट नहीं है, लेकिन काफी सुधार हुआ है।

जानें पूरा घटनाक्रम

दरअसल, CJP की टीम शुक्रवार सुबह जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव के सरकारी स्कूल का जायजा लेने पहुंची थी। टीम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत स्कूल की बिल्डिंग, बच्चों की पढ़ाई और वहां मिल रही सुविधाओं की स्थिति देखने गई थी। CJP का दावा था कि स्कूल की मुख्य बिल्डिंग जर्जर होने के कारण बच्चों को पास के एक शेड में पढ़ाया जा रहा है। टीम के गांव पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने रास्ता रोक दिया और स्कूल में प्रवेश का विरोध किया। इसके बाद CJP कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों के बीच विवाद बढ़ गया। CJP कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, जबकि ग्रामीणों ने हमले के आरोपों से इनकार किया और कहा कि वे स्कूल में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं चाहते।