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राजस्थान विधानसभा में हंगामा: CJP कार्यकर्ताओं पर हमले और विधायकों को रोकने पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा

राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र में CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले और कांग्रेस विधायकों को गेट पर रोकने के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ।
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Rajasthan Assembly Monsoon Session (Patrika File Photo)

Rajasthan Assembly Monsoon Session: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं पर कथित हमले और कांग्रेस विधायकों को विधानसभा गेट पर रोके जाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दोनों मुद्दे उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। स्पीकर की ओर से प्रश्नकाल में इस मुद्दे को उठाने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे।

CJP कार्यकर्ताओं पर हमले का उठाया मुद्दा

टीकाराम जूली ने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में स्कूलों की स्थिति देखने जाने वालों के साथ मारपीट क्यों हुई, सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहता है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की।

विधानसभा गेट पर विधायकों को रोकने का भी उठा मुद्दा

जूली ने गुरुवार को कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मामला भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रवेश करते समय विधायकों को पहले कभी इस तरह नहीं रोका गया। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की और उन आरोपों को खारिज किया कि कांग्रेस विधायक खुद विधानसभा में नहीं जाना चाहते थे।

BJP विधायकों ने राहुल गांधी के खिलाफ की नारेबाजी

कांग्रेस विधायकों के वेल में आने के बाद सदन में दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। BJP विधायकों ने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए और उन्हें लेकर आपत्तिजनक नारेबाजी की। वहीं कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और सरकार को घेरने की कोशिश की।

संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया। वहीं मुख्य सचेतक योगेश्वर गर्ग ने दावा किया कि गुरुवार को कांग्रेस विधायकों के साथ कुछ ऐसे लोग भी थे, जिन्हें विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।

2 बार स्थगित हुई कार्यवाही

हंगामा बढ़ने पर स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सुबह करीब 11:05 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विरोध और नारेबाजी जारी रही। स्पीकर ने कांग्रेस विधायकों से अपनी सीटों पर लौटने की अपील की, लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। इस बीच शुक्रवार सुबह कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई जनहित के मुद्दे उठाए।

वहीं यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल शुक्रवार के विधानसभा एजेंडे में शामिल नहीं है। ऐसे में मौजूदा दो दिवसीय सत्र में इसके पेश होने की संभावना कम है। UCC और वृक्ष संरक्षण बिल पर नवंबर में होने वाले अगले सत्र में चर्चा की संभावना जताई जा रही है।