
सीजेपी कार्यकर्ता सलमान ने लगाए गंभीर आरोप (वायरल वीडियो से ली गई तस्वीर)
Jaipur CJP Workers Assault: राजधानी जयपुर के समीप बगरू क्षेत्र के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में एक सरकारी स्कूल की बदहाली को उजागर करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के कार्यकर्ताओं पर स्थानीय भीड़ द्वारा बर्बरतापूर्वक हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और जर्जर स्कूल की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने पहुंची टीम को न केवल हिंसा का सामना करना पड़ा, बल्कि उनके साथ आई महिला कार्यकर्ताओं के साथ भी बदसलूकी की गई।
पेशे से इंजीनियर और CJP कार्यकर्ता सलमान ने एक मीडिया चैनल से बातचीत के दौरान घटना की आपबीती बताई। सलमान ने बताया कि वे केवल गांव में बदहाल पड़े स्कूल की स्थिति दिखाने और बच्चों के शिक्षा अधिकार की आवाज उठाने आए थे। लेकिन अचानक उग्र हुई भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें कीचड़ में घसीटा गया और बेरहमी से पीटा गया। बातचीत के दौरान सलमान के हाथों पर खून के धब्बे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान साफ नजर आ रहे थे।
पीड़ित कार्यकर्ताओं के अनुसार, हमलावरों ने मारपीट के दौरान उन पर देश विरोधी होने के आरोप लगाए और उन्हें 'पाकिस्तानी', 'आतंकवादी' और 'नक्सली' कहकर संबोधित किया। घटना के समय मौजूद सीजेपी की महिला कार्यकर्ताओं ने भी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उनके साथ धक्का-मुक्की की गई, उन पर मिट्टी उछाली गई और बेहद अपमानजनक व्यवहार किया गया।
हमले की उग्रता को देखते हुए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उपद्रवियों ने सीजेपी टीम के वाहनों को निशाना बनाते हुए उनके आगे और पीछे के शीशे पूरी तरह तोड़ डाले। हमले में अपनी जान बचाकर निकले पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर घटना की कड़ी निंदा की।
आशुतोष रांका ने ट्वीट करते हुए लिखा, वीडियो में जिस युवक को पीटा जा रहा है, वह सलमान है। उसने कंप्यूटर साइंस में B.Tech किया है। वह केवल इसलिए यहां आया था, क्योंकि उसे यह सुनकर झटका लगा कि एक सरकारी स्कूल गाय के शेल्टर (गौशाला) में चल रहा है। सत्ताधारी पार्टी चाहती है कि देश के बच्चे अनपढ़ रहें। अब पूरा देश इस राजनीतिक मंशा को समझ रहा है।
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित सलमान ने सवाल उठाया कि राज्य की राजधानी जयपुर के इतने करीब होने के बावजूद घटनास्थल या आसपास दूर-दूर तक एक भी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। सीजेपी कार्यकर्ताओं ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि वे स्थानीय बच्चों के बेहतर भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करने आए थे, न कि किसी का विरोध करने।
हालांकि, घटना के बाद गांव के कुछ स्थानीय लोग यह दावा करते दिखे कि वे अपने गांव के स्कूल की स्थिति खुद ठीक करवा लेंगे। लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है कि सालों से जर्जर पड़े स्कूल और खस्ताहाल सड़कों की सुध स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अब तक क्यों नहीं ली। फिलहाल, इस घटना को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल है और मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।
Updated on:
21 Aug 2026 02:40 pm
Published on:
21 Aug 2026 02:31 pm
