जयपुर

दक्षिण भारत की तर्ज पर राजस्थान में पहली बार होगा महाकुंभाभिषेकम, पहुंचेंगे विद्वान और विदेशी भक्त, 12 साल में एक बार होता है ये अनुष्ठान

Jharkhand Mahadev Mandir: दक्षिण भारत की तर्ज पर राजस्थान में पहली बार महाकुंभाभिषेकम होगा। जहां दक्षिण भारत से विद्वान और विदेशी भक्त पहुंचेंगे। ये अनुष्ठान 12 साल में एक बार होता है, जो पहली बार जयपुर में होगा।

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Jan 29, 2025

Maha-Kumbhabhishekam In Jaipur Rajasthan: जयपुर के वैशाली नगर, क्वींस रोड पर द्रविड़ शैली में बने प्रदेश के पहले झाड़खंड महादेव मंदिर में दक्षिण भारत की तर्ज पर 31 जनवरी से तीन दिवसीय महाकुंभाभिषेकम की शुरुआत होगी। 12 साल में एक बार होने वाला यह अनुष्ठान जयपुर में पहली बार होगा।

बब्बू सेठ मेमोरियल ट्रस्ट, जयपुर के अध्यक्ष जयप्रकाश सोमानी ने बताया कि रंग-रोगन के साथ ही मंदिर में अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दक्षिण भारत के विद्वान आचार्य आर सुंदरमूर्ति तिरूचिरापल्ली के सान्निध्य में सुबह 8:30 बजे गणेश पूजा से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। देश की सात नदियों के जल के साथ ही तमिलनाडु से मंगवाई गई पूजन सामग्री से हवन में आहुतियां दी जाएगी। स्वर्ण शिखरों के अभिषेक के साथ ही देव विग्रहों का भी विधिवत पूजन किया जाएगा।

पांच कुंडीय यज्ञशाला

मंदिर के 51 फीट के गोपुरम में कलश स्थापित करके अभिषेक किया जाएगा। इसके चारों दिशाओं में 54 से ज्यादा देवी—देवता विराजमान हैं। वर्ष 2007 में बना विशाल नंदी भी बेहद खास है। पांच कुंडीय यज्ञशाला भी तैयार करवाई जा रही है।

सोमानी ने बताया कि थाईलैंड सहित अन्य देशों व शहरों से सजावट के लिए फूल भी मंगवाए जाएंगे। रोजाना 12 घंटे से अधिक समय तक अलग—अलग अनुष्ठान होंगे। यहां 125 साल से अखंड धूणी भी प्रज्वलित हो रही है। देश-विदेश से भक्त कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

टॉपिक एक्सपर्ट

‘12 वर्ष में मंदिर को पवित्र करना आवश्यक’

बी. सुधाकर,नाड़ी ज्योतिषायाचार्य

एक बार मंदिर को ऊर्जान्वित करने के लिए प्रारंभिक अनुष्ठान पूरा हो जाने के बाद हर बारह साल में मंदिर को फिर से पवित्र करना आवश्यक माना जाता है। कुंभ स्नान की तरह महाकुंभाभिषेकम का भी विशेष महत्व है। मंदिर को फिर से पवित्र करने से पहले अन्य आवश्यक जीर्णोद्धार का मूल्यांकन किया जाता है और उन्हें पूरा किया जाता है। विशेष मंत्रों और पूजा-अर्चना के साथ भोलेनाथ को स्नान कराया जाता है।

Published on:
29 Jan 2025 08:15 am
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