
जयपुर में यूजीसी बिल रोलबैक और सवर्ण समाज की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को निकाली गई रैली के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल को लेकर बवाल मच गया है। इस प्रदर्शन के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए डीडवाना-कुचामन के पलाड़ा निवासी कार्यकर्ता देवराज सिंह की एसएमएस अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। कार्यकर्ता की मौत और पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मंगलवार को जयपुर स्थित राजपूत सभा भवन में एक आपात प्रेस वार्ता की। मकराना ने पुलिस-प्रशासन पर आंदोलनकारियों को धमकाने, गुमराह करने और बर्बरता बरतने के गंभीर आरोप लगाए।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिपाल सिंह मकराना ने बताया कि मृतक देवराज सिंह पलाड़ा रावणा राजपूत (OBC) समाज से आते थे, लेकिन वे सवर्ण समाज और युवाओं के हक की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे।
मकराना ने आरोप लगाया कि कालवाड़ रोड और गालव कुंडा के पास पुलिस ने बिना किसी उकसावे के वाटर कैनन चलाई। पानी की तेज बौछार सीधे देवराज सिंह के सीने पर लगी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मकराना ने कहा कि आंदोलनकारी पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जयपुर आए थे। यदि वे चाहते तो सुरक्षा घेरा तोड़कर सीधे सीएम हाउस तक पहुंच सकते थे, लेकिन उन्होंने संविधान और कानून के रास्ते पर रुकना उचित समझा।
मकराना ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा चलाई गई वाटर कैनन की सीधी बौछार लगने से घायल हुए कार्यकर्ता देवराज सिंह पलाड़ा की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मकराना ने मृतक देवराज सिंह के परिजनों को एक करोड़ का मुआवज़ा और सरकारी नौकरी देने की पुरज़ोर मांग की, साथ ही ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री कार्यालय घेराव करने के साथ आंदोलन तेज़ करने की चेतावनी भी दी।
करणी सेना अध्यक्ष ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और बुजुर्गों को भी नहीं बख्शा गया और उन पर भी पानी की बौछारें छोड़ी गईं।
उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब शीर्ष अधिकारियों से बातचीत चल रही थी, तब जमीनी स्तर पर पुलिस बल आंदोलनकारियों को रोक रहा था और धमका रहा था।
मकराना ने जयपुर कलेक्टर और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ा एक्शन लेने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यूजीसी बिल के दुष्प्रभावों के खिलाफ करणी सेना अब राजस्थान के हर घर तक पहुंचेगी और लोगों को जागरूक करेगी।
मकराना ने चेतावनी दी कि राजस्थान में होने वाले आगामी नगर निगम और पंचायत चुनावों में सरकार और इस नीति का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें मूल ओबीसी और अन्य समाजों को आपस में लड़ाकर आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं, जबकि सर्वसमाज उनके साथ है।
मकराना ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या सरकार से ऊपर देश का संविधान और जनता की आवाज है। संविधान में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार हर नागरिक को प्राप्त है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि करणी सेना पीछे हटने वाली नहीं है। समर्थकों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति का जल्द ऐलान किया जाएगा।
यूजीसी बिल के विरोध में उतरी करणी सेना के कार्यकर्ता की मौत और फिर महिपाल सिंह मकराना के कड़े रुख ने राजस्थान के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विशेषकर आगामी पंचायती राज और नगर निगम चुनावों में करणी सेना द्वारा विरोध दर्ज कराने के ऐलान से सत्तारूढ़ दल के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में नए राजनीतिक समीकरण बन सकते हैं।
जयपुर पुलिस के अधिकारीयों का कहना है कि रैली को कलक्ट्रेट तक की अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी जबरन कलक्ट्रेट से आगे बढ़ने लगे। ऐसे में क़ानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। कलक्ट्रेट से पहले तक पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया।
वहीं रैली के दौरान देवराज नाम के शख्स की संदिग्ध परिस्थिति में मौत पर पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा कि लाठीचार्ज से मौत नहीं हुई है। प्रारम्भिक तौर पर देवराज का स्वास्थ्य रैली के दौरान बिगड़ गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और उनकी मौत हुई।