जयपुर के दोनों नगर निगमों में प्रशासनिक फेरबदल किए गए। हैरिटेज में तनुजा सोलंकी को उपायुक्त (लैंड) और युगांतर शर्मा को स्वास्थ्य शाखा की अतिरिक्त जिम्मेदारी मिली। ग्रेटर में करणी सिंह विद्याधर नगर जोन उपायुक्त बने।
जयपुर: राजधानी जयपुर के दोनों नगर निगमों में प्रशासनिक फेरबदल किए गए हैं। हैरिटेज नगर निगम में सरिता मल्होत्रा की जगह उपायुक्त (लैंड) की जिम्मेदारी तनुजा सोलंकी को सौंपी गई है।
आदर्श नगर जोन उपायुक्त युगांतर शर्मा को स्वास्थ्य शाखा की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा कविता चौधरी को उपायुक्त, कार्मिक की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। देवानंद शर्मा को मुख्यालय में राजस्व अधिकारी नियुक्त किया गया है।
ग्रेटर नगर निगम में करणी सिंह को विद्याधर नगर जोन उपायुक्त बनाया गया है। अशोक शर्मा को मुरलीपुरा जोन उपायुक्त, जबकि मनोज कुमार वर्मा को राजस्व- प्रथम की जिम्मेदारी दी गई है। अपर्णा शर्मा को गैराज शाखा का प्रभार सौंपा गया है।
जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री लगातार दो दिन परकोटे क्षेत्र पहुंचे। दौरे के दौरान उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, लेकिन हालात से असंतुष्ट दिखे। सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से आला अधिकारियों को तलब किया था।
इसके बाद प्रशासन और नगर निगम हरकत में आ गए। जन्माष्टमी की शोभायात्रा के बाद पूरी रात निगम और जिला प्रशासन के अधिकारी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे। कलेक्टर से लेकर निगम कमिश्नर समेत तमाम अधिकारी देर रात तक फील्ड में डटे रहे और सफाई कार्यों की निगरानी की।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम हेरिटेज में इससे पहले भी प्रशासनिक विवाद सामने आ चुके हैं। कुछ महीने पूर्व ही RAS अधिकारी युगांतर शर्मा को आदर्श नगर जोन से हटाकर स्वास्थ्य उपायुक्त बनाया गया था, लेकिन कुछ घंटों बाद ही उनसे यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई।
वहीं, भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी निगम में गहमागहमी रही है। कांग्रेस पार्षदों ने निगम के अधिकारी देवानंद शर्मा के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया था। ऐसे में मुख्यमंत्री की नाराजगी और अफसरों की जवाबदेही ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि शहर की व्यवस्थाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।