
Wheat Procurement: जयपुर. रबी विपणन सीजन 2026-27 को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने गेहूं खरीद व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और किसान हितैषी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने मंत्रालय भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह समयबद्ध तरीके से संचालित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों को राहत पहुंचाना है।
मंत्री गोदारा ने विशेष रूप से खरीद केंद्रों पर टाइम स्लॉट बुकिंग प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से किसानों को लंबी कतारों और अनावश्यक इंतजार से मुक्ति मिलेगी। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि केवल पंजीकृत किसान या जनाधार कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्य ही गेहूं बेच सकेंगे। इसके अलावा बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
बैठक में गेहूं खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश भी दिए गए। यह टीम प्रदेशभर में खरीद कार्य की सतत मॉनिटरिंग करेगी और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी। अधिक उत्पादन वाले जिलों में अतिरिक्त एजेंसियों को खरीद कार्य में लगाने की योजना बनाई गई है, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी खरीद केंद्रों पर बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर खरीद कार्य प्रभावित न हो। शासन सचिव अम्बरीष कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि विभाग द्वारा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सभी केंद्रों पर पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है।
इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे और गेहूं खरीद की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। सरकार का यह प्रयास किसानों को सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।