जयपुर

Rajasthan Transfer 2026: तबादले हुए, लेकिन कुर्सियां नहीं छूटीं… 7 दिन बाद भी कई पुराने पदों पर ही डटे

Rajasthan Government Employee Transfer: राजस्थान में 10 जुलाई तक चले तबादलों में हजारों की संख्या में कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है, लेकिन तबादला होने के सात दिन बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नए पदों पर कार्यभार नहीं संभाला है।
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Jul 18, 2026
Rajasthan Transfer 2026
तबादले के बाद भी नहीं छोड़ी कुर्सी। Photo: AI

जयपुर। राजस्थान में 10 जुलाई तक चले तबादलों में हजारों की संख्या में कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है, लेकिन तबादला होने के सात दिन बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने नए पदों पर कार्यभार नहीं संभाला है। जो कर्मचारी अपने पुराने पदों पर ही जमे रहना चाहते थे, वे तबादला होने के बाद भी सीट नहीं छोड़ रहे हैं। कई विभागों में उच्चाधिकारियों ने भी तबादला होने के बावजूद अपने चहेते अधिकारियों को रोक रखा है।

वहीं, प्रशासनिक सुधार विभाग की ओर से सभी कार्मिकों को तत्काल नए पदों पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश अभी तक जारी नहीं किए गए हैं और न ही ऐसे मामलों में कोई कार्रवाई हो रही है। चर्चा है कि पुराने पदों पर जमे कार्मिक तबादला निरस्त कराने के प्रयासों में जुटे हैं। नगरीय विकास, स्थानीय निकाय, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, समाज कल्याण, बाल अधिकारिता, पीडब्ल्यूडी, डीओआइटी सहित कई विभागों में ऐसे मामले सामने आए हैं।

जेडीएः तबादला हुआ, फिर आदेश ही पलट गया

विधि एवं विधिक कार्य विभाग ने उमेंद्र कुमार गोयल को निदेशक (विधि) जेडीए नियुक्त किया, लेकिन उन्होंने अब तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। सूत्रों का दावा है कि उन्हें जॉइन नहीं करने देने के लिए भी प्रयास चल रहे हैं। इसी सूची में जेडीए के संयुक्त विधि परामर्शी नरेंद्र कुमार आर्य का तबादला कृषि विभाग सचिवालय में किया गया था, लेकिन वे जेडीए से कार्यमुक्त नहीं हुए। बाद में उसी दिन उनका तबादला आदेश निरस्त कर उन्हें वापस जेडीए में ही पदस्थापित कर दिया गया।

नगर निगमः पशु प्रबंधन शाखा… एक पद पर दो चिकित्सक

पशुपालन विभाग ने डॉ. नेहा गौड़ की नगर निगम से प्रतिनियुक्ति समाप्त कर बहुउद्देश्यीय पशु चिकित्सालय पांच बत्ती में पदस्थापित किया था। उनकी जगह डॉ. जितेंद्र कुमार को लगाया गया है। उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया। इसके बावजूद डॉ. गौड़ को अब तक निगम से कार्यमुक्त नहीं किया गया। ऐसे में एक ही पद पर दो चिकित्सक कार्यरत हैं। जबकि आदेश में स्पष्ट है कि अधिकारी आदेश जारी होने के साथ ही स्वत: कार्यमुक्त माने जाएंगे।

कोर्ट की शरण में कर्मचारी, दफ्तरों से ले रहे अवकाश

कई कर्मचारी अपने तबादला आदेश को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अधिवक्ता भी न्यायालय में याचिका दायर करने के बाद संबंधित कर्मचारियों को अवकाश पर रहने की सलाह दे रहे हैं। तबादले से असंतुष्ट कर्मचारी बड़ी संख्या में राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण का दरवाजा खटखटा रहे हैं।

Updated on:
18 Jul 2026 07:13 am
Published on:
18 Jul 2026 07:13 am