जयपुर

Rajasthan News : राजस्थान में एक लाख लीटर से भी ज़्यादा की शराब क्यों की नष्ट? वजह है बड़ी 

Massive Crackdown on Illicit Liquor in Rajasthan : राजस्थान में अवैध शराब के माफियाओं के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रदेश में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण और तस्करी को जड़ से मिटाने के लिए मुख्यमंत्री के 'क्लीन राजस्थान' विजन के तहत जारी विशेष अभियान ने फरवरी माह में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है।
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Mar 10, 2026
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राजस्थान आबकारी विभाग ने अवैध शराब के खिलाफ प्रदेशव्यापी जंग छेड़ दी है। आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के सख्त निर्देशों के बाद फरवरी माह में चलाए गए विशेष निरोधात्मक अभियान के नतीजे बेहद चौंकाने वाले और ऐतिहासिक रहे हैं। विभाग ने केवल एक महीने के भीतर प्रदेश भर में 1 लाख 74 हजार 137 लीटर कच्ची शराब (वॉश) को मौके पर ही नष्ट कर माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीमों ने सैकड़ों ठिकानों पर दबिश देकर शराब तस्करी में शामिल बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।

फरवरी : 562 केस दर्ज, 556 तस्कर अरेस्ट

आबकारी विभाग की मुस्तैदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह में अवैध शराब निर्माण और परिवहन के कुल 562 मामले दर्ज किए गए हैं। अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रशासन अनिल कुमार शर्मा के अनुसार, इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 556 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। यह संभवतया राजस्थान के इतिहास में शराब माफियाओं के खिलाफ एक महीने में की गई सबसे बड़ी गिरफ्तारियों में से एक है।

भारी मात्रा में स्प्रिट और विदेशी शराब सीज

अभियान के दौरान विभाग ने न केवल कच्ची शराब नष्ट की, बल्कि बड़ी खेप को बाजार में पहुँचने से पहले ही दबोच लिया। सीज की गई मदिरा का विवरण इस प्रकार है:

  • भारत निर्मित विदेशी मदिरा (IMFL): 11,815 बोतलें जब्त
  • देशी मदिरा: 2,583 लीटर जब्त
  • अवैध हथकढ़ शराब: 3,344 लीटर जब्त
  • बीयर: 809 बोतलें बरामद
  • स्प्रिट: 600 लीटर स्प्रिट (जहरीली शराब बनाने का मुख्य घटक) सीज कर संभावित जानलेवा हादसों को टाला गया
  • अन्य: 2 किलोग्राम भांग भी बरामद की गई

तस्करी के 21 वाहन जब्त

अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (पॉलिसी) प्रदीप सिंह सांगावत ने बताया कि माफिया अब शराब तस्करी के लिए हाईटेक और छोटे वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग ने प्रभावी नाकाबंदी के दौरान 21 वाहनों को सीज किया है, जिनमें 14 दोपहिया वाहन और 7 हल्के चार पहिया वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के जरिए शराब को ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पहुँचाने की योजना थी।

जमीन से आसमान तक निगरानी!

आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते के अनुसार, यह अभियान केवल शहरों तक सीमित नहीं है। हाड़ौती, मेवात और मारवाड़ के उन दुर्गम इलाकों में भी टीमें पहुँच रही हैं, जहाँ भट्ठियां जलाकर अवैध 'शराब' (कच्ची शराब) तैयार की जाती थी। विभाग ने ड्रोन और स्थानीय मुखबिरों की मदद से इन अड्डों को चिह्नित किया और लाखों लीटर लहन (कच्ची शराब) को नालियों में बहा दिया।

अवैध मदिरा मुक्त राजस्थान का संकल्प

राजस्थान सरकार का लक्ष्य प्रदेश को अवैध और जहरीली शराब से पूरी तरह मुक्त करना है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइसेंस प्राप्त दुकानों के अलावा कहीं भी मदिरा का विक्रय या भंडारण पाया गया, तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब उन बड़े सप्लायर्स की सूची तैयार कर रहा है जो पड़ोसी राज्यों से शराब लाकर राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में खपाते हैं।

Updated on:
10 Mar 2026 04:22 pm
Published on:
10 Mar 2026 04:22 pm