Weather Alert 18 February: पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान का मौसम अचानक बदल गया है और कई जिलों में बारिश व ओलावृष्टि दर्ज की गई है।
Weather Alert 18 February: राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का खासा असर देखने को मिल रहा है। बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश दर्ज की गई। इस बीच ओलावृष्टि ने भी एकाएक मौसम को पलट रख दिया। मौसम में आए इसे बड़े बदलाव ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल किसानों को अपनी फसल खराब होने की चिंता सता रही है। इस बीच मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के दौरान मेघगर्जन, बिजली चमकने और तेज हवा के साथ बारिश की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग (Meteorological Centre Jaipur) के अनुसार जयपुर, टोंक और दौसा जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम वर्षा, आकाशीय बिजली और 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
वहीं येलो अलर्ट के तहत सवाई माधोपुर, भरतपुर, करौली, अजमेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, चूरू, सीकर, अलवर, झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, नागौर, बीकानेर, बूंदी, कोटा, बारां और कोटपुतली जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की वर्षा और कहीं-कहीं 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। चेतावनी में कहा गया है कि मेघगर्जन के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें, पेड़ों के नीचे खड़े न हों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। बता दें कि रात 12 बजे के बाद मौसम विभाग ने बारिश को लेकर आठवीं बार अलर्ट जारी किया है।
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वहीं प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए किसानों की मेहनत पर एक बार फिर संकट के बादल खड़े कर दिए। कई गांवों में सुबह अचानक हुई बारिश ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दीं। खेतों में कटाई के बाद पड़ी सरसों की फसल बारिश में भीगकर गीली हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका सताने लगी है।
बारिश से सरसों की फसल गीली हो जाने के कारण अब दाने काले पड़ने, गुणवत्ता खराब होने और उत्पादन घटने की संभावना बढ़ गई है। किसान खेतों में पहुंचकर अपनी भीगी हुई फसल देखकर मायूस नजर आए। किसानों का कहना है कि कटाई के बाद फसल को सुरक्षित रखने के लिए मौसम साफ होना जरूरी था, लेकिन अचानक हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया