जयपुर

सांसद हेमा मालिनी ने CM भजनलाल को लिखा पत्र, बिजली कर्मचारी के ट्रांसफर की सिफारिश; क्या है पूरा माजरा?

Hema Malini Letter Rajasthan CM: मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने एक कर्मचारी के ट्रांसफर की सिफारिश की है।

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Feb 06, 2025
MP Hema Malini and CM Bhajanlal

Hema Malini Letter Rajasthan CM: बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल और मथुरा से भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने बिजली विभाग के एक कर्मचारी के ट्रांसफर की सिफारिश की है। यह पत्र अब चर्चा का विषय बन गया है और बिजली विभाग में हलचल मच गई है।

दरअसल, मथुरा निवासी एक महिला ने हाल ही में सांसद हेमा मालिनी से मुलाकात की थी। महिला ने उन्हें बताया कि उसका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता और उसका पति राजस्थान के बिजली विभाग में कार्यरत है। उसने सांसद से अपने पति का भरतपुर ट्रांसफर कराने की मदद मांगी ताकि वह अपने परिवार के करीब रह सके और उसकी देखभाल कर सके।

हेमा मालिनी ने CM को लिखा पत्र

महिला की फरियाद पर संजीदगी दिखाते हुए हेमा मालिनी ने 3 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने बिजली विभाग में कार्यरत कर्मचारी निरंजन का तबादला भरतपुर किए जाने की सिफारिश की और इस पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का अनुरोध किया।

सांसद का पत्र सामने आने के बाद बिजली विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मामले में जब ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिली है। यदि पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तक पहुंचा है, तो वहीं से इसे बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) को भेजा जाएगा। अंतिम निर्णय वहीं से होगा।

पत्नी ने पति के लिए लगाई गुहार

हेमा मालिनी द्वारा सिफारिश किए गए बिजली विभाग के कर्मचारी का नाम निरंजन बताया जा रहा है। निरंजन वर्तमान में करौली जिले के हिंडौन सिटी में कार्यरत हैं। उनका परिवार भरतपुर में रहता है, जबकि उनकी पत्नी मथुरा की हैं। पत्नी की बीमारी और 8 साल की बेटी की देखभाल के लिए उन्होंने भरतपुर ट्रांसफर की अर्जी दी थी। पत्नी ने हेमा मालिनी से मदद की गुहार लगाई, जिसके बाद सांसद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।

क्या अब होगा ट्रांसफर?

फिलहाल, इस पत्र पर मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन यह मामला अब बिजली विभाग और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सभी की नजर इस पर टिकी है कि क्या मुख्यमंत्री इस सिफारिश पर अमल करेंगे या नहीं।

Published on:
06 Feb 2025 05:12 pm