
केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने कहा है कि राष्ट्रीय संस्कृति महोत्सव भारत की सांस्कृतिक विरासत एवं विभिन्न कलाओं, व्यंजनों एवं हस्तशिल्प को एक जगह लाकर इन्हें पहचान एवं गौरव दिलाने का एक अनूठा प्रयास है। पश्चिमी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक किरण सोनी गुप्ता ने बताया कि 27 फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू महोत्सव का विधिवत उद्घाटन करेंगी। महोत्सव में देश भर के जाने-माने कलाकार लोक नृत्य और लोक संगीत, नाटक व सूफी संगीत आधारित प्रस्तुतियां देंगे। इस दौरान बालू मूर्तिकला के साथ-साथ शिल्पकला और अन्य कलाओं पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
नौ दिवसीय कार्यक्रम, संस्कृति मंत्रालय का एक प्रमुख त्योहार है, जिसका उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना, बढ़ावा देना और लोकप्रिय बनाना है। महोत्सव में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। महोत्सव की शुरुआत 25 फरवरी को जूनागढ़ किले से शोभायात्रा के साथ होगी। इसके बाद कला प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा और फिर शाम को बांस वाद्य आधारित संगीत की प्रस्तुति होगी। महोत्सव के दूसरे दिन 'कलादर्शनम' कला शिविर शुरू होगा। इसी दिन पंजाब पुलिस सांस्कृतिक मंडली की ओर से प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा कृष्णाय तुभ्य नमः की आकर्षक प्रस्तुति भी होगी। अगले दिन प्रसिद्ध कलाकार अनवर खान की 'डेजर्ट सिम्फनी' की प्रस्तुति होगी।
इस मौके पर राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी, केंद्रीय संस्कृति राज्य मंत्री एवं बीकानेर से सांसद अर्जुन राम मेघवाल उपस्थित रहेंगे।
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