राजस्थान के चर्चित NEET पेपरलीक मामले में भाजपा से जुड़े नेता दिनेश बिंवाल समेत परिवार के तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। आरोपी की भाजपा नेताओं के साथ वायरल तस्वीरों को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर पेपरलीक माफिया को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
Congress Protest On NEET-2026 Paper Leak: नीट परीक्षा पेपरलीक प्रकरण में जमवारामगढ़ के एक भाजपा नेता समेत परिवार के तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एसओजी ने भाजपा के युवा मोर्चा से जुड़े दिनेश बिंवाल, उसके भाई मांगीलाल बिंवाल और मांगीलाल के बेटे विकास बिंवाल को गिरफ्तार किया है। दिनेश बिंवाल युवा मोर्चा जयपुर देहात का मंत्री रह चुका है। सोशल मीडिया पर उसकी भाजपा के कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के साथ तस्वीरें वायरल हो रही हैं।
कुछ माह पहले ही जमवारामगढ़ क्षेत्र में बधाई संदेश देते होर्डिंग भी लगे, जिसमें विधायक की फोटो भी लगाई हुई थी। हालांकि पिछले दो-तीन साल से ज्यादातर समय सीकर में रहने के कारण पार्टी गतिविधियों से दूर रहा। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर बिंवाल की प्रदेश के मंत्री, जनप्रतिनिधियों के साथ फोटो साझा कर पेपरलीक माफिया को भाजपा नेताओं का संरक्षण मिलने के आरोप लगाए हैं। उधर, भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों का कहना है कि दिनेश संगठन में किसी भी पद पर नहीं है और न ही कोई भागीदारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा यह गंभीर है कि नीट पेपरलीक मामले में गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिंवाल भाजपा का पदाधिकारी रहा है। क्या इसी वजह से राजस्थान की भाजपा सरकार ने पेपरलीक मामले को छिपाने का प्रयास किया और FIR दर्ज नहीं की? क्या भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपरलीक माफिया को संरक्षण दे रही है? अब ये लोग एक्सपोज हो गए हैं।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि वर्ष 2024 में भी नीट पेपरलीक हुआ। 2025 में भी सवाल उठे और अब 2026 में फिर वही पेपरलीक। सबूत सामने आने के बाद भी भाजपा सरकार ने एफआइआर दर्ज नहीं की, क्योंकि पेपरलीक के आरोपी स्वयं भाजपा के पदाधिकारी हैं। जब लगातार पेपरलीक हो रहे हैं, तो आखिर एनटीए के महानिदेशक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो रही? नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। कहा - सरकार ने 9 दिन तक पेपरलीक को छिपाए रखा और एफआइआर दर्ज नहीं की?
अशोक गहलोत को गलत जानकारी है, वह व्यक्ति हमारा कार्यकर्ता नहीं है। आजकल कोई भी फोटो या सेल्फी खिंचवा लेता है। सरकार किसी को बचाने में नहीं लगी है। जिन लोगों की बात की जा रही है, उन्हें गिरफ्तार भी किया जा चुका है। गहलोत जब मुख्यमंत्री थे, तब लगातार पेपरलीक के मामले सामने आते थे। कोई कितना भी नजदीकी क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।