
जयपुर। सरकारी कार्रवाई की आहट न्यू सांगानेर रोड बाजार तक पहुंची तो जिन दुकानों में दिवाली से पहले नया माल सजना था, वहां अब सामान जल्द से जल्द निकालने की कवायद चल रही है। व्यापारियों ने त्योहारी सीजन के लिए दूसरे शहरों से कपड़े खरीदकर लाए थे, लेकिन जेडीए की कार्रवाई के डर ने कारोबार का गणित बिगाड़ दिया। कई व्यापारियों ने दूसरी जगह दुकानें किराए पर ले ली हैं, कुछ प्रतिष्ठान खाली कर रहे हैं।
वहीं, नोटिस की मियाद शनिवार 3 अक्टूबर को खत्म हो गई। जेडीए के नोटिस के विरोध में जेडीए में करीब 110 लोग पहुंचे और उन्होंने आपत्ति दर्ज करवाई है। जेडीए इन सभी का विधिक परीक्षण करवा रहा है। ज्यादातर व्यापारियों को त्योहारी सीजन से पहले कार्रवाई की आशंका है। जेडीए के अधिकारी इस संबंध में सीधे कहने से बच रहे हैं। क्षेत्रीय पार्षद जितेंद्र शर्मा ने कहा कि दिवाली तक व्यापारियों को राहत दी जाए। साथ ही मुआवजा और पुनर्वास कराया जाए, ताकि लोगों को जीवनयापन में परेशानी नहीं हो।
व्यापारी महादेव कुमावत ने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए दूसरे शहरों से कपड़े लेकर आए थे। रखने के लिए जगह नहीं है, इसलिए अब डिस्काउंट में बेचने पड़ रहे हैं। हरिओम ने बताया कि नोटिस जारी होने से सप्ताहभर पहले ही कपड़े खरीदकर लाए थे।
गौरतलब है कि जेडीए ने हाईकोर्ट के आदेश पर 27 सितंबर को नोटिस जारी किए थे। आपत्तियों की सुनवाई के लिए तीन अक्टूबर तक का समय दिया था। न्यू सांगानेर व्यापार मंडल के संरक्षक पवन शर्मा नटराज ने बताया कि आपत्तियां जेडीए को भेजी हैं और कोर्ट में भी सुनवाई के लिए याचिका लगाई है।
न्यू सांगानेर रोड की दो सड़कों पर जेडीए ने बड़ी कार्रवाई की। इसी तरह सिरसी रोड पर भी कार्रवाई की गई। हालांकि, अब तक यहां लोगों की राह सुगम नहीं हो पाई है। जेडीए सड़क सहित अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित नहीं कर पाया है। गांधी पथ-पश्चिम को भी जेडीए ने मास्टरप्लान के अनुरूप 80 फीट चौड़ा किया। यहां भी अब तक सड़क नहीं बनाई गई है।
सितंबर 2024 में जेडीए ने सांगानेर चौराहे से हरे कृष्णा मार्ग स्थित बस स्टैंड नंबर सात तक की राह आसान करने के लिए कवायद की। घरों पर लाल निशान लगाए गए। नोटिस देने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। जेडीए के मुताबिक 100 निर्माण 200 फीट चौड़ी सड़क में आ रहे हैं।