राज्य में पहली बार हैरिटेज नगर निगम ई-वेस्ट से लेकर रद्दी से व अन्य अनुपयोगी सामान को घर से लेकर जाएगा। खास बात यह है कि इसके बदले में हैरिटेज सरकार शहरवासियों को पैसा भी देगी। इसके लिए शहरवासियों को अपने घर का पता, समय और कबाड़ का वजन बताना होगा। पांच तरह का कबाड़ घर से ले जाने की शुरुआत सिविल लाइन्स जोन से होगी। उसके बाद पूरे शहर से इस तरह से कबाड़ लिया जाएगा।
राज्य में पहली बार हैरिटेज नगर निगम ई-वेस्ट से लेकर रद्दी से व अन्य अनुपयोगी सामान को घर से लेकर जाएगा। खास बात यह है कि इसके बदले में हैरिटेज सरकार शहरवासियों को पैसा भी देगी। इसके लिए शहरवासियों को अपने घर का पता, समय और कबाड़ का वजन बताना होगा। पांच तरह का कबाड़ घर से ले जाने की शुरुआत सिविल लाइन्स जोन से होगी। उसके बाद पूरे शहर से इस तरह से कबाड़ लिया जाएगा।
लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए निगम ने एक निजी कम्पनी के सहयोग से ऐप तैयार करवाया है। इस ऐप में कचरा बेचने की जानकारी देनी होगी और उसके बाद निगम खुद ही कचरा ले जाएगा और पैसे भी देकर जाएगा।
ऐप के जरिए होगी खरीद, पैसा मिलेगा हाथों हाथ
इसके लिए एक ऐप विकसित किया जा रहा है। इसके कचरे का प्रकार बताना होगा। इसमें कचरे का प्रकार बताना होगा। इस एप में कबाड़ के प्रकार और प्रति किलो कीमत की निर्धारित है। रद्दी की कीमत 10 रुपए, लोहा 22 रुपए, स्टील 26 रुपए, एल्मुनियम 65, कॉपर 221 रुपए प्रति किलो निर्धारित की गई है। इसके अलावा एसी, फ्रिज, मोबाइल, मॉनीटर, प्रिंटर, बैट्री वॉशिंग मशीन, कूलर, टीवी से लेकर ई-वेस्ट बेचने का भी विकल्प दिया गया है।
रिसाइकिल का विकल्प अलग
ऐप में रिसाइकिल का विकल्प अलग से दिया गया है। इसमें अखबार से लेकर कॉपी-किताब, कार्डबोर्ड, प्लास्टिक, लोहा, स्टील, ब्रॉश और कॉपर को शामिल किया गया है। इसकी खरीद की दर 10 रुपए से लेकर 221 रुपए प्रति किलो निर्धारित की गई है।