
NSO Survey 2026: राजधानी जयपुर के मेहनतकश लोगों की तस्वीर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होकर उभरी है। केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जून में देश के 46 शहरों के 60 हजार से अधिक लोगों पर किए गए सर्वे में जयपुर औसत मासिक कमाई के मामले में कई राज्यों की राजधानियों और बड़े शहरों से आगे रहा है।
सर्वे के अनुसार नियमित नौकरी और स्वरोजगार, दोनों श्रेणियों में जयपुर ने पटना, रायपुर, श्रीनगर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे शहरों को पीछे छोड़ा है। जयपुर में नियमित कर्मचारियों की औसत मासिक आय 31,332 रुपए दर्ज की गई, जो चेन्नई (28,955 रुपए), अहमदाबाद (23,269 रुपए) और कोलकाता (19,093 रुपए) से अधिक है।
वहीं, स्वरोजगार करने वालों की औसत आय 30,590 रुपए रही, जो अधिकांश प्रमुख शहरों से बेहतर है। केवल ग्रेटर हैदराबाद और चेन्नई ही इस श्रेणी में जयपुर के करीब रहे। कामकाज के घंटों के मामले में भी जयपुर आगे है। यहां पुरुष औसतन 52.5 घंटे और महिलाएं 42.4 घंटे प्रति सप्ताह काम करती हैं।
यह आंकड़े भोपाल, पटना, रायपुर, श्रीनगर, रांची, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों से अधिक हैं। महिलाओं की औसत मासिक आय 28,453 रुपए दर्ज की गई, जो भोपाल और बेंगलूरु से अधिक है, जबकि जोधपुर और श्रीनगर की महिलाओं की आय इससे ज्यादा रही।
हालांकि, सर्वे का दूसरा पक्ष चिंता बढ़ाने वाला है। जयपुर में बेरोजगारी दर 12.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जो सर्वे में शामिल प्रमुख शहरों में अपेक्षाकृत अधिक है। कोटा में यह 11.2 प्रतिशत और जोधपुर में 10.8 प्रतिशत रही। यानी बेहतर कमाई और अधिक कार्यघंटों के बावजूद रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
कामकाज के घंटे
| शहर | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| भोपाल | 48.9 | 37.7 |
| पटना | 51.0 | 42.3 |
| रायपुर | 51.3 | 40.2 |
| श्रीनगर | 50.6 | 28.0 |
| रांची | 49.8 | 38.7 |
| चेन्नई | 47.1 | 41.8 |
| कोलकाता | 48.7 | 39.9 |
| शहर | स्वरोजगार (₹) | नियमित कर्मचारी (₹) |
|---|---|---|
| जयपुर | 30,590 | 31,332 |
| पटना | 22,832 | 28,443 |
| रायपुर | 26,958 | 17,255 |
| श्रीनगर | 24,330 | 28,787 |
| चेन्नई | 30,536 | 28,955 |
| लखनऊ | 27,672 | 28,347 |
| कोलकाता | 17,989 | 19,093 |