जयपुर

उत्तर पश्चिम रेलवे में अब AI का पहरा, जानें कैसे बिना दिखे आपकी सुरक्षा करेगा ‘रोबोटिक दिमाग’!

उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने डिजिटल जालसाजी और टिकटों में होने वाली हेराफेरी को जड़ से खत्म करने के लिए एक 'स्पेशल एआई सेल' (Special AI Cell) तैनात कर दी है।

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Apr 26, 2026
AI PIC
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राजस्थान से गुजरने वाली ट्रेनों और यहाँ के रेलवे स्टेशनों पर अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' (AI) की पैनी नजर है। उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) ने डिजिटल फ्रॉड और टिकटिंग में होने वाली धांधलियों पर नकेल कसने के लिए एक विशेष एआई सेल का गठन किया है। यह सेल केवल एक तकनीकी विभाग नहीं, बल्कि रेलवे का वह 'तीसरा नेत्र' है जो इंसानी नजरों से बच जाने वाली सूक्ष्म गड़बड़ियों को भी सेकंडों में पकड़ लेता है। पिछले तीन महीनों से गुप्त रूप से सक्रिय इस सेल ने अब बड़े स्तर पर ऑपरेशन शुरू कर दिए हैं।

क्यों पड़ी स्पेशल एआई सेल की जरूरत?

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हाल के दिनों में उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में टिकटों के साथ छेड़छाड़ और फर्जी बुकिंग के अजीबोगरीब मामले सामने आए थे।

  • जोधपुर का चौंकाने वाला केस: हाल ही में मरुधर एक्सप्रेस में दो ऐसे यात्री पकड़े गए जिन्होंने एआई तकनीक का इस्तेमाल कर एक ही अनारक्षित टिकट में चार बार बदलाव किए और यात्रा की।
  • जयपुर में फर्जीवाड़ा: इससे पहले दिसंबर में जयपुर स्टेशन पर भी टिकट में डिजिटल छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया था। इन घटनाओं ने रेलवे को तकनीक के जरिए जवाब देने पर मजबूर कर दिया।

सिर्फ टिकट नहीं, स्टाफ और स्टेशन पर भी नजर

Railway File PIC

उत्तर पश्चिम रेलवे का यह एआई सेल बहुआयामी तरीके से काम कर रहा है:

  1. स्मार्ट सर्विलांस: स्टेशनों पर लगे हाई-डेफिनिशन एआई कैमरों से यात्रियों के व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।
  2. टिकटिंग ऑडिट: सिस्टम में होने वाले हर ट्रांजेक्शन का एआई विश्लेषण होता है। यदि कोई एक ही पैटर्न पर बार-बार टिकट बुक कर रहा है या निरस्त कर रहा है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है।
  3. रेलकर्मियों की मॉनिटरिंग: सेल केवल यात्रियों ही नहीं, बल्कि रेलकर्मियों की कार्यकुशलता और उनके व्यवहार पर भी नजर रख रहा है ताकि आंतरिक स्तर पर होने वाली किसी भी मिलीभगत को रोका जा सके।

जागरूकता और तकनीकी प्रशिक्षण

एआई सेल का काम सिर्फ पकड़ना नहीं, बल्कि बचाना भी है। उत्तर पश्चिम रेलवे प्रशासन अब अपने स्टाफ को नई तकनीकों और बदलते 'फ्रॉड ट्रेंड्स' के प्रति लगातार जागरूक कर रहा है। रेलकर्मियों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है ताकि वे एआई द्वारा दिए गए इनपुट पर त्वरित एक्शन ले सकें।

राजस्थान की सुरक्षा में नया अध्याय

उत्तर पश्चिम रेलवे का मुख्यालय जयपुर में है, इसलिए इस एआई सेल का सबसे ज्यादा फायदा राजस्थान के स्टेशनों को मिल रहा है। जोधपुर, बीकानेर, अजमेर और जयपुर जैसे व्यस्त स्टेशनों पर एआई का यह पहरा अब यात्रियों के भरोसे को और मजबूत कर रहा है। रेलवे का लक्ष्य है कि आने वाले समय में 'जीरो फ्रॉड' की स्थिति पैदा की जाए।

Published on:
26 Apr 2026 03:02 pm