जयपुर

Octave 2026: जयपुर में आज से सजेगा पूर्वोत्तर का रंगमंच, ऑक्टेव-2026 में दिखेगी 8 राज्यों की लोक संस्कृति

Folk Culture: ऑक्टेव-2026 के पहले दिन दो प्रमुख प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें पहली प्रस्तुति ‘एथनिक कॉस्ट्यूम शो’ होगी। इसके जरिए पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस शो का निर्देशन भानुश्री दास करेंगी।
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Oct 01, 2026
Octave 2026
Photo Patrika

Traditional Costumes: जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर गुरुवार शाम पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और कला का गवाह बनेगा। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से आयोजित ऑक्टेव-2026 का शुभारंभ गुरुवार शाम 7 बजे होगा। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की सांस्कृतिक विविधता को नृत्य, संगीत और पारंपरिक परिधानों के जरिए मंच पर जीवंत किया जाएगा।

समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे होंगे, जबकि केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। इस मौके पर पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन महेश दलवी और राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल भी मौजूद रहेंगे।

मंच पर दिखेगा पूर्वोत्तर का पारंपरिक सौंदर्य

ऑक्टेव-2026 के पहले दिन दो प्रमुख प्रस्तुतियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें पहली प्रस्तुति ‘एथनिक कॉस्ट्यूम शो’ होगी। इसके जरिए पूर्वोत्तर के आठों राज्यों के पारंपरिक परिधानों की खूबसूरती को मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस शो का निर्देशन भानुश्री दास करेंगी।

खास बात यह है कि इस प्रस्तुति में दिखाई देने वाले परिधान मशीनों से तैयार किए गए आधुनिक कपड़े नहीं, बल्कि हाथ से तैयार किए गए पारंपरिक परिधान होंगे। अलग-अलग राज्यों की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय पहचान इन परिधानों में साफ दिखाई देगी। मंच पर जब युवतियां इन पारंपरिक पोशाकों में उतरेंगी, तो दर्शकों को पूर्वोत्तर के अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक झलक एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।

15 लोक नृत्य विधाओं का अनूठा संगम

कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के 14 समूहों की ओर से पेश की जाएगी। इसमें 15 अलग-अलग लोक नृत्य विधाओं को एक संयुक्त कोरियोग्राफिक प्रस्तुति के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। प्रस्तुति में पूर्वोत्तर की परंपरा, अध्यात्म, रास, रोमांच और उत्साह के विविध रंग देखने को मिलेंगे।

आयोजकों के अनुसार प्रस्तुति की खासियत इसका भावनात्मक और सांस्कृतिक विस्तार होगा। कहीं लोक परंपराओं की झलक दर्शकों को मुस्कुराने पर मजबूर करेगी, तो कहीं आध्यात्मिक भाव वातावरण को गंभीर बनाएगा। वहीं जोशीले लोक नृत्य दर्शकों में रोमांच और उत्साह पैदा करेंगे।

ग्रैंड फिनाले में एक मंच पर आएंगे सभी समूह

पूरे कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण ग्रैंड फिनाले होगा। इसमें पूर्वोत्तर के सभी समूह एक साथ मंच पर आकर संयुक्त नृत्य प्रस्तुति देंगे। अलग-अलग राज्यों की नृत्य शैलियों, संगीत और पारंपरिक रंगों का यह संगम ऑक्टेव-2026 की सांस्कृतिक विविधता को एक साथ सामने रखेगा।

ऑक्टेव-2026 के माध्यम से जयपुर में पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों की परंपराओं को एक मंच पर जोड़ने का माध्यम भी बनेगा।

Updated on:
01 Oct 2026 11:23 am
Published on:
01 Oct 2026 11:23 am