Rajasthan OMR Sheet Controversy: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने के मामले में एसओजी के खुलासों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।
जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में ओएमआर शीट बदलने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के खुलासों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर सवाल उठाते हुए पिछले दो वर्षों में हुई भर्तियों की गहन जांच की मांग की।
वहीं, भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार करते हुए कांग्रेस शासनकाल को पेपरलीक और ओएमआर शीट घोटालों का जिम्मेदार ठहराया है। पीसीसी चीफ डोटासरा ने पूछा कि 2 साल में व्यवस्था परिवर्तन क्यों नहीं हुआ। जिस पर किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि जल्द ही कई बड़े नाम सामने आएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने "एक्स" पर पोस्ट में कहा कि उन्होंने तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर कोई आरोप नहीं लगाए। फीडबैक के आधार पर युवाओं के हित में आग्रह किया था। मेरे खिलाफ बयानबाजी करने से युवाओं को न्याय नहीं मिलेगा। हम आपकी तरह जनता को भ्रमित करने वाले आरोप नहीं लगा रहे। मुख्यमंत्री ठंडे दिमाग से सोचकर बताएं, क्या साल 2024 एवं 2025 में ओएमआर शीट बदली गईं हैं या नहीं। प्रदेश का युवा जवाब चाहता है, क्योंकि लगातार ऊंची कट-ऑफ जाने से इसका संबंध जुड़ रहा है। अगर ऐसा हुआ है तो आप हमारी सरकार के दौरान बने कानून से दोषियों को आजीवन कारावास की सजा, 10 करोड़ का जुर्माना और उनकी संपत्ति जब्त कर तथा इन भर्ती परीक्षाओं के नतीजों में पारदर्शिता लाकर न्याय सुनिश्चित करें।
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि गहलोत का बयान इस बात की स्वीकारोक्ति है कि कांग्रेस शासन में ओएमआर शीट घोटाले और पेपरलीक हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 से 2023 के बीच 19 बड़ी परीक्षाओं के पेपरलीक हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोपी वर्षों तक चयन बोर्ड में कैसे बने रहे, जबकि तब भी एसओजी मौजूद थी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पिछले 2 साल से भाजपा सरकार में ओएमआर शीट बदलने एवं नंबर बढ़ाकर नौकरियां बेचने की बेईमानी चल रही है। एसओजी की रिपोर्ट बताती है कि कर्मचारी चयन बोर्ड के सिस्टम में ये धोखाधड़ी बीते 9 वर्षों से चल रही है। आखिर 2 साल में व्यवस्था परिवर्तन क्यों नहीं हुआ?
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने दौसा में कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्होंने ओएमआर शीट के फर्जीवाड़े के सबूत दिखाए थे, लेकिन तत्कालीन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार और रिश्तेदारी के छह लोग आरएएस बन गए। दो दिन में सच्चाई सामने आ जाएगी और डोटासरा जेल की सलाखों के पीछे होंगे। ओएमआर शीट मामले में खुलासा होने के बाद अब बहुत बड़े नाम सामने आएंगे।
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