जयपुर

श्रीनगर-जम्मू कोड वर्ड फेल, राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 5 राज्यों में फैले नेटवर्क को किया ध्वस्त

Operation Jamuhar: पांच राज्यों में फैला था नशे का जाल। राजस्थान के पाली जिले के दो आरोपी गिरफ्तार। आईजी विकास कुमार ने अपनी खुफिया टीमों को तीन बार मणिपुर भेजा। इस दौरान पाली निवासी सुखराम विश्नोई मुख्य रडार पर आया। टीम साए की तरह उसके पीछे लग गई। ट्रक के नीचे लोहे की पत्तियों से वेल्डिंग करके एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। 95 पोटलियों में पैक 88.970 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।

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Jun 11, 2026
Rajasthan ANTF team with seized opium bags during Operation Jamuhar.
Rajasthan ANTF team with seized opium bags during Operation Jamuhar.

जयपुर. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ एक ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। मणिपुर से उत्तर भारत के रास्ते राजस्थान लाई जा रही करीब 89 किलोग्राम अवैध अफीम जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 4.50 रुपए करोड़ है। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और ANTF आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में हरियाणा के सिरसा में हरियाणा पुलिस के सहयोग से की गई यह कार्रवाई हाल के वर्षों में ANTF की बड़ी सफलताओं में शामिल है।

नशे की खेप को रोकने के लिए ‘मणिपुर मॉड्यूल’ पर काम किया

राजस्थान को नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का कहर अब नशे के सौदागरों पर वज्र बनकर टूटा है। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि उत्तर-पूर्वी राज्यों से उत्तर भारत में आ रही नशे की बड़ी खेपों को रोकने के लिए ‘मणिपुर मॉड्यूल’ पर तकनीकी अन्वेषण शुरू किया गया था। महीनों की अथक मेहनत और 5 राज्यों में फैले जाल को काटकर एएनटीएफ ने यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है।

दो महीने तक चली छिपी जंग

एएनटीएफ को मणिपुर से राजस्थान में भारी मात्रा में मादक पदार्थ आने की सूचना मिली थी। आईजी विकास कुमार ने अपनी खुफिया टीमों को तीन बार मणिपुर भेजा। इस दौरान पाली निवासी सुखराम विश्नोई मुख्य रडार पर आया। टीम साए की तरह उसके पीछे लग गई। सुखराम फोन, गाड़ी और रास्ते बदलता रहा, लेकिन पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। मणिपुर से सौदा फाइनल करने के बाद सुखराम लखनऊ पहुंचा, जहां उसने अपनी महिला मित्र के साथ नैनीताल और कैंची धाम की घूम-फिर ली। एएनटीएफ इस पहेली को सुलझाती रही कि करोड़ों का नशा लेकर घूम रहा यह शातिर कैसे इतना बेखौफ है।

श्रीनगर-जम्मू का ‘कोडवर्ड’ पड़ा भारी

जम्मू में बैठे मुख्य सूत्रधार ने कोड वर्ड में ट्रक ड्राइवर को निर्देश दिया कि “रात तक श्रीनगर (जोधपुर) पहुंचना था, अब जम्मू ही रुकना पड़ेगा।” इसका मतलब था कि पुलिस के डर से माल राजस्थान नहीं भेजना है। इसके बाद ट्रक हरियाणा के सिरसा में रुक गया। शुरुआती जांच में ट्रक खाली दिखा, लेकिन ANTF टीम ने चेसिस की बारीकी से जांच की तो हैरान रह गई। ट्रक के नीचे लोहे की पत्तियों से वेल्डिंग करके एक गुप्त तहखाना बनाया गया था। कटर से तहखाने को खोलने पर 95 पोटलियों में पैक 88.970 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। मौके पर पाली जिले के शिवपुरा निवासी किशनाराम विश्नोई को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी सुखराम विश्नोई को भी हिरासत में ले लिया गया।

ऑपरेशन जमुहार का नाम क्यों पड़ा

पांच राज्यों में फैले इस नेटवर्क को ध्वस्त करने वाले इस मेगा ऑपरेशन का नामकरण (ज-मु-हा-र) इन राज्यों के शुरुआती अक्षरों को मिलाकर किया गया। जिसमें ज से जम्मू जहां मुख्य सूत्रधार बैठा था। म से मणिपुर जहां से नशे की खेप चली। उ से उत्तर प्रदेश जहां ट्रांजिट पॉइंट - लखनऊ था। हा से हरियाणा जहां माल को दबोचा गया। र से राजस्थान जहां नशे की सप्लाई होनी थी।

'जमुहार' का शाब्दिक अर्थ

'जमुहार' का शाब्दिक अर्थ होता है मुख्य फसल को नुकसान पहुंचाने वाली 'जहरीलीघास' होता है, जो मणिपुर से लाए जा रहे अफीम के इस जहर के लिए बिल्कुल सटीक बैठता है।

Updated on:
11 Jun 2026 12:25 pm
Published on:
11 Jun 2026 12:20 pm