
जयपुर। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने चेतावनी जारी करते हुए राजस्थान के कई जिलों में अगले मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने 18 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 5 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार चूरू, सीकर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, बीकानेर, टोंक, सवाई माधोपुर, जयपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, करौली, दौसा, अलवर, भरतपुर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
यह वीडियो भी देखें
इन क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की भी संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं धौलपुर, नागौर, अजमेर, उदयपुर और गंगानगर जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने के साथ मेघगर्जन और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं राजस्थान में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से राहत भरे रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर बने परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से कई क्षेत्रों में आगामी दो से तीन दिनों तक आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आंधी और बारिश की गतिविधियों में 8 जून के बाद धीरे-धीरे कमी आने लगेगी।
मौसम विभाग के अनुसार लगातार सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना है। आगामी दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। इससे दिन के समय पड़ रही तेज गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि 8 से 11 जून के बीच कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं हीटवेव चलने की भी संभावना बनी हुई है।