Rajasthan Agriculture: बीमा, एमएसपी और सॉइल टेस्टिंग पर उठीं अहम मांगें, उर्वरक नहीं, जैविक खाद से बनेगा बेहतर भविष्य
Farmer Welfare: जयपुर। राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी ने कोटा में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में किसानों से सीधे रूबरू होते हुए कहा कि आयोग किसानों और सरकार के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न जिलों में जाकर किसानों की समस्याएं और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं, जिन्हें राज्य और केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
चौधरी ने किसानों को रसायनिक उर्वरकों और पेस्टिसाइड के अत्यधिक उपयोग से बचने की सलाह देते हुए जैविक खाद अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होती है और इससे निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। इसके लिए सर्टिफाइड दुकानों के माध्यम से किसानों को उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम में किसानों ने फसल बीमा प्रक्रिया को सरल बनाने, एमएसपी पर समय पर खरीद, उपखंड स्तर पर सॉइल टेस्टिंग लैब और अनुदानित बीज समय पर उपलब्ध कराने जैसी मांगें रखीं। अधिकारियों ने ड्रोन तकनीक, संरक्षित खेती और सॉइल हेल्थ सुधार के लिए फोर्टिफाइड खाद के उपयोग पर भी जानकारी दी।
पशुपालन विभाग ने बताया कि प्रदेश में 1962 नंबर पर कॉल कर मोबाइल वैन से पशु चिकित्सा सुविधा और टेली मेडिसिन सेवा दी जा रही है, जिससे पशुपालकों को बड़ी राहत मिल रही है।