जयपुर

Rajasthan: 860 करोड़ में से महज 13 करोड़ ही वसूल पाए अफसर, भूमि विकास बैंकों को नहीं मिली संजीवनी

Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना (ओटीएस) लाकर भूमि विकास बैंकों को बकाया ऋण वसूली के लिए बड़ा मौका दिया था। लेकिन बैंकों के अफसर सरकार की इस स्कीम को भुनाने का मौका चूक गए।
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Jul 03, 2025
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जयपुर। राजस्थान सरकार ने ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना (ओटीएस) लाकर भूमि विकास बैंकों को बकाया ऋण वसूली के लिए बड़ा मौका दिया था। लेकिन बैंकों के अफसर सरकार की इस स्कीम को भुनाने का मौका चूक गए। स्कीम के तहत ऋणियों को ब्याज में राहत देकर अन्तिम तिथि 30 जून तक बकाया वसूलना था। लेकिन अफसरों की ढिलाई के कारण 4 प्रतिशत वसूली ही हो पाई। पिछली सरकारों में ऋण माफ करवा चुके ऋणियों ने सरकार की ब्याज माफी की स्कीम का ज्यादा फायदा नहीं उठाया और न ही अफसरों ने इस स्कीम को गंभीरता से लिया।

राज्य के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों में किसानों व अन्य ऋणियों पर कुल 860 करोड़ बकाया था। ऋणियों को कुल 326 करोड़ रुपये मूल ऋण जमा करवाने की स्थिति में 534 करोड़ की राहत दी जानी थी। लेकिन अन्तिम तिथि तक भूमि विकास बैंक 13 करोड़ यानि मूल बकाया का लगभग 4 प्रतिशत ही वसूल कर पाए। जिन ऋणियों ने 30 जून तक 25 प्रतिशत बकाया जमा करा दिया है, उन्हें ब्याज से राहत दी गई। ऐसे ऋणियों के ऋण पेटे बैंकों को शेष 75 प्रतिशत की राशि यानि 46 करोड़ की राशि और मिलेगी।

फैक्ट : एक नजर

30 जून तक कुल बकाया वसूलना था- 860 करोड़
राहत समेत 30 जून तक वसूली- 94 करोड़
ऋणियों के हिस्से की राशि जमा- 13 करोड़
30 सितम्बर तक राशि और आएगी- 46 करोड़

22800 किसान स्कीम से वंचित, तिथि बढ़ने का इंतजार

ओटीएस स्कीम की अन्तिम तिथि समाप्त होने के साथ ही प्रदेश के 30010 ऋणी सदस्यों में से 22800 किसान वंचित रह गए हैं। वंचित किसानों को उम्मीद है कि सरकार की ओर से स्कीम की तिथि बढ़ाए जाएं। कई किसानों का कहना रहा कि इन दिनों मानसून की मेहरबानी के कारण वे खेतों में जुटे रहे। इसलिए स्कीम की राहत लेने से चूक गए।

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Updated on:
03 Jul 2025 01:25 pm
Published on:
03 Jul 2025 01:25 pm