Pachpadra Refinery Fire: एचपीसीएल और पेट्रोलियम विभाग ने पचपदरा रिफाइनरी में आग से हुए नुकसान व मरम्मत अवधि पर चुप्पी साध ली है। हादसे के बाद भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, जबकि जांच तेज कर दी गई है।
Pachpadra Refinery Fire Update: जयपुर: राज्य सरकार और एचपीसीएल के संयुक्त उपक्रम एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में आग लगने की घटना के बाद हुए नुकसान को लेकर शुक्रवार को भी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई। एचपीसीएल और राजस्थान पेट्रोलियम विभाग ने इस संबंध में चुप्पी साध रखी है कि आग से कितना नुकसान हुआ और इसे ठीक करने में कितना समय लगेगा? हालांकि, जांच एजेंसियां घटना के हर पहलू की पड़ताल में जुटी है।
रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स में बन रही विभिन्न यूनिट्स का काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा गया है, जिस क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) में आग लगी, उसका निर्माण कार्य टाटा प्रोजेक्ट्स के जिम्मे है।
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग तकनीकी खामी या उपकरण में रिसाव के कारण लग सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। घटना के बाद सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण कार्य वे उपकरणों की गुणवत्ता की जांच नहीं होने या कोई भी तकनीकी चूक गंभीर परिणाम ला सकती है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां संबंधित कॉन्ट्रेक्टर कंपनियों, साइट इंजीनियरों और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ कर रही हैं।