जयपुर

Rajasthan Intelligence: वायुसेना के सीक्रेट लीक करने वाले जासूस का बड़ा खुलासा, पाक हैंडलर्स से हर महीने लेता था इतने रुपए

Pakistani Spy Sumit Kumar: जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ मिलकर भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा करने के बदले मासिक बंधी बांध रखी थी।
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Updated: 25 Mar 2026, 9:26 AM IST
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जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार। फोटो: पत्रिका

जयपुर। गुवाहाटी में आयोजित एक सत्संग कार्यक्रम के बहाने शुरू हुए संपर्क ने देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा खड़ा कर दिया। जासूसी के आरोप में गिरफ्तार सुमित कुमार ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ मिलकर भारतीय वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा करने के बदले मासिक बंधी बांध रखी थी। जांच एजेंसियों के अनुसार सुमित ने शुरुआत में दो वर्ष तक हर माह 5 हजार रुपए मासिक बंधी ली और फिर 10 हजार रुपए मासिक बंधी ले रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने पैसों के लालच में धीरे-धीरे अपने संपर्क मजबूत किए और फिर हैंडलर्स को लड़ाकू विमानों, एयरबेस की गतिविधियों व अन्य सामरिक सूचनाएं उपलब्ध कराने लगा। एक बार फोन खराब होने का बहाना बनाकर उसने 20 हजार रुपए भी लिए, जबकि कई बार परिजन की बीमारी या अन्य मजबूरी बताकर 10-10 हजार रुपए अतिरिक्त वसूले।

  • जासूस तैयार करने वालों की जानकारी जुटा रही एजेंसियां

जांच में सामने आया है कि सुमित कुमार अब तक करीब 3.50 से 4 लाख रुपए तक की रकम पाकिस्तानी हैंडलर्स से ले चुका था। एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा कहीं यह कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं। पूछताछ में सुमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में गुवाहाटी में आयोजित एक बाबा के सत्संग के दौरान उसकी स्थानीय व्यक्ति से मुलाकात हुई थी, जिसने ही पाक हैंडलर्स से संपर्क करवाया था।

अब सुरक्षा एजेंसियां गुवाहाटी में रहने वाले पाक हैंडलर्स के लिए जासूस तैयार करने वालों की जानकारी जुटा रही हैं। आरोपी को बुधवार को गुवाहाटी ले जाया जाएगा। राजस्थान इंटेलिजेंस पुलिस ने आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश कर 10 दिन के रिमांड पर लिया था।

ऐसे पाकिस्तानी हैंडलर्स के जाल में फंसा सुमित

पूछताछ में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में गुवाहाटी में आयोजित एक बाबा के सत्संग के दौरान सुमित की मुलाकात एक संदिग्ध व्यक्ति से हुई। इस व्यक्ति ने सुमित से मोबाइल लेकर किसी से बातचीत की और बाद में उसे बताया कि वह सामने वाला व्यक्ति बाबा का भक्त है और एयरफोर्स से जुड़ा है।

यहीं से सुमित का संपर्क पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़ गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, पाक एजेंट पहले धार्मिक आयोजनों, सामाजिक मेल-जोल या भरोसे के माहौल का सहारा लेकर संपर्क बनाते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे बातचीत का दायरा बढ़ाकर संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने की कोशिश की जाती है।

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25 Mar 2026, 9:26 AM IST
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