patient overcrowding: जगह की कमी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति से हो रही समस्या। एक कमरे में बैठते हैं 3-4 डॉक्टर। रोजाना 1500 से 2000 मरीज आते हैं।
Sanganeer Satellite Hospital: जयपुर. सांगानेर स्थित राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में मरीजों को इलाज से पहले अव्यवस्था की लंबी कतार से जूझना पड़ रहा है। रोजाना यहां 1500 से 2000 मरीज पहुंचते हैं, लेकिन जगह की कमी और डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल में यूनानी, आयुर्वेदिक, नेत्र और ईएनटी विभाग के तीन से चार डॉक्टर एक ही कमरे में बैठकर मरीजों की जांच करते हैं। इससे मरीज अपनी समस्या खुलकर नहीं बता पाते और असहज महसूस करते हैं। कई बार डॉक्टर सीट पर नहीं मिलते, जिससे मरीज बिना इलाज लौट जाते हैं। मरीजों को किस डॉक्टर को दिखाना है, इसकी जानकारी पर्ची पर नहीं दी जाती। मरीज एक डॉक्टर से दूसरे डॉक्टर के पास भटकते रहते हैं।
मालपुरा गेट निवासी मानसी ने बताया कि सुबह से लाइन में लगने के बाद भी नंबर नहीं आया। कभी डॉक्टर नहीं मिलते, तो कभी दवाइयों की कमी होती है। मरीजों का कहना है कि अगर डॉक्टर अलग-अलग कमरे में बैठें तो उनकी बात ठीक से सुनी जा सकती है। मरीजों का कहना है कि पहले डॉक्टर कम थे, तब भी इंतजार करना पड़ता था। अब नियुक्ति के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। दिनभर डॉक्टरों के कमरे के बाहर लंबी कतार लगी रहती है।
जगह का अभाव है, अवगत करवा दिया है
अस्पताल में जगह का अभाव है। इसलिए यह व्यवस्था है, जगह की पर्याप्त व्यवस्था को लेकर जिमेदारों को पत्र भी लिखा गया है।
डॉ. मुनेश जैन, प्रभारी, राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय सांगानेर