Patrika Foundation Day: राजस्थान पत्रिका जनता की आवाज और किसानों की उम्मीदों का सबसे भरोसेमंद मंच है। चाहे खेती में पानी की कमी हो, मंडी शुल्क की बढ़ती मार हो, फसलों का सही मूल्य न मिलना हो या नहर-तालाब की दुर्दशा, पत्रिका में जैसे ही कोई मुद्दा प्रमुखता से छपता है, सरकार और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाते हैं।
Patrika Foundation Day: राजस्थान पत्रिका जनता की आवाज और किसानों की उम्मीदों का सबसे भरोसेमंद मंच है। चाहे खेती में पानी की कमी हो, मंडी शुल्क की बढ़ती मार हो, फसलों का सही मूल्य न मिलना हो या नहर-तालाब की दुर्दशा, पत्रिका में जैसे ही कोई मुद्दा प्रमुखता से छपता है, सरकार और प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाते हैं। जनहित में निर्णय होते हैं, नीतियां बदलती हैं और किसानों के हित में ठोस कदम उठाए जाते हैं। यही वजह है कि पाठक आज भी यकीन से कहते हैं, 'पत्रिका में खबर छपते ही असर दिखता है।"
अभियानः पत्रिका ने धनिये के उत्पादन को बढ़ावा देने की मांग को प्रमुखता से उठाया था। कोटा पत्रिका की निरंतर कवरेज और दबाव से सरकार पर असर पड़ा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फरवरी 2026 में विधानसभा में घोषणा की, मंडी शुल्क 0.50 फीसदी और आढ़त एक फीसदी कर दी गई। इससे हाड़ौती क्षेत्र में धनिये का रकबा और कारोबार बढ़ेगा।
चित्तौड़गढ़ पत्रिका की लगातार खबरों और दबाव से बजट घोषणा गर विधायक के निर्देश पर सिंचाई विभाग तुरंत सक्रिय हुआ। अब नहर के पूर्ण पुनरुद्धार के लिए डीपीआर तैयार हो रही है। इससे 23 गांवों की खेती को पर्याप्त पानी मिलेगा, फसल उत्पादन बढ़ेगा।
श्रीगंगानगर किन्नू के लिए प्रोसेसिंग प्लांट नहीं होने से बी व सी कैटेगरी के किशु को भाव नहीं मिलता है। पत्रिका के अपनी उपज अपना उद्योग अभियान के बाद श्यामाप्रसाद मुखर्जी योजना के तहत इस प्लांट के लिए पांच करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
डूंगरपुर में दुर्लभ पीले पलाश पेड़ के अस्तित्व पर खतरे की कहानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और टीम ने बीज संग्रहण के बाद 1000 पौधे तैयार करने की योजना बनाई, ताकि पेड़ सुरक्षित रहें और उनका परिवार बढ़े। साथ ही पर्यावरण भी सुरक्षित हो सकेगा। इससे स्थानीय किसान खुश हैं।
टोंक राजस्थान पत्रिका ने तालाब को सरकारी भूमि पर जेसीबी से अवैध खुदाई, प्लॉट बिक्री और कॉलोनी विकसित करने की गैरकानूनी गतिविधि को उजागर किया। पत्रिका की खबर पर नगर परिषद की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और निर्माण कार्य रुकवाया।
सवाई माधोपुर राजस्थान पत्रिका ने अमरूद की पैदावार के बावजूद प्रोसेसिंग यूनिट न होने से किसानों को हो रहे नुकसान की समस्या को उठाया। जिसके बाद कृषि मंत्री ने 150 करोड़ रुपए की प्रोसेसिंग यूनिट जिले में लगाए जाने की घोषणा की।
अभियानः बारिश से नुकसान, बाजार की कमी से किसानों की परेशानी को प्रकाशित किया। चौमूं पत्रिका की निरंतर कवरेज के बाद राज्य बजट 2026-27 में सरकार ने चौमूं क्षेत्र में औद्योगिक पार्क की स्थापना, सड़क-बिजली-पानी जैसी आधारभूत सुविधाएं, 500 हेक्टेयर तक फूल खेती विस्तार, पुलिस थाना, जीएसएस, और प्रोसेसिंग सुविधाओं की धोषणा की।