जयपुर

Jaipur: दवा ही नहीं दारू का भी कारोबार, SMS अस्पताल के अंदर… थाने से कुछ दूर, चलते मिले मयखाने

Patrika sting Operation: जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल में लोग दवा ही नहीं दारू लेने भी आ रहे हैं। परिसर के अंदर बनी गुमटियों, ढाबों और छोटी दुकानों में यह कारोबार एसएमएस पुलिस थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर चल रहा है। कुछ दुकानों में तो कोने में छोटी गुमटीनुमा कमरे मिनी बार के रूप में बनाए हुए हैं।
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Dec 26, 2025
एसएमएस अस्पताल परिसर में अवैध शराब की डील, पत्रिका फोटो
एसएमएस अस्पताल परिसर में अवैध शराब की डील, पत्रिका फोटो

Patrika sting Operation: जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल में लोग दवा ही नहीं दारू लेने भी आ रहे हैं। परिसर के अंदर बनी गुमटियों, ढाबों और छोटी दुकानों में यह कारोबार एसएमएस पुलिस थाने से कुछ ही कदम की दूरी पर चल रहा है। कुछ दुकानों में तो कोने में छोटी गुमटीनुमा कमरे मिनी बार के रूप में बनाए हुए हैं। जिनमें बैठकर शराबियों को पीने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है।

राजस्थान पत्रिका टीम ने परिसर में इस कारोबार का खुलासा करने के लिए इनसे शराब की डील की तो उन्हें उपलब्ध करवा दी गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इन कारोबारियों के पास शराब के कई ब्रांड उपलब्ध हैं। इनके पास शराब खरीदने वालों में अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों की संख्या अधिक है।

एक घंटे में 20 से ज्यादा शराबियों को बेची शराब

बांगड़ गेट नंबर पांच के पास कियोस्क में बने ढाबे में लोग खाना खा रहे थे। अंदर की ओर आगे बढ़े तो कुछ लोग दीवार के पास शराब पी रहे थे। वहां शराब की खाली बोतलों के ढेर लगे थे। कुछ देर में एक व्यक्ति आया। उसने पूछा कौनसी शराब चाहिए। बताने पर उसने ऑनलाइन पेमेंट लिया और वहीं सामने से एक कियोस्क से बोतल निकालकर लाया। करीब एक घंटे में 20 से 25 लोग उसके पास शराब खरीदने पहुंचे थे और वो बेखौफ बेच रहा था।

गेट नंबर 03 : सूचना केंद्र के सामने

सूचना केंद्र के सामने बने सुलभ शौचालय के समीप कियोस्क पर शराब बेची जा रही है। रिपोर्टर ने दुकानदार से मोलभाव भी किया, जिस पर उसने बेखौफ होकर शराब बेचने की बात कही। यहां भी देर रात तक वहां शराबियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है और लोग वहां पीते रहते हैं। यहां मिनी मयखाना चलता है।

उड़ रही कानून की धज्जियां

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शराब बेच रहे लोगों में किसी भी प्रकार का कोई डर-भय नहीं दिखा। उन्होंने बातचीत में शराब बेच रहे एक व्यक्ति ने रिपोर्टर से कहा कि माल पहुंचा रहे हैं, खरीदकर यही पीओ या साथ ले जाओ। कभी भी आओ माल मिल जाएगा। हैरानी है कि, ये सब कुछ सबसे वीआइपी रोड टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल परिसर व एसएमएस पुलिस थाने से चंद कदमों की दूरी पर हो रहा है।

मरीज, महिलाएं और बच्चे असुरक्षित

अस्पताल की ओपीडी में 24 घंटे में 50 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही होती है। जिस जगह शराब की बिक्री हो रही है, वो धनवंतरि ओपीडी, ट्रोमा सेंटर, चरक व बांगड़ परिसर के समीप है। मरीज व उनके परिजनों को इनके सामने से होकर गुजरना पड़ता है। ढाबे पर भी सैकड़ों लोग खाना खाने जाते हैं। आए दिन उसके आस-पास नशेड़ी पड़ रहते हैं। जिसके कारण विवाद होते रहते हैं। कई बार अस्पताल परिसर में भी नशेड़ी अपराध करते हुए पकड़े जा चुके हैं।

Updated on:
26 Dec 2025 09:22 am
Published on:
26 Dec 2025 09:22 am