जयपुर

‘BJP के इशारों पर काम कर रही AAP’, राजस्थान निकाय चुनावों के नतीजों पर भड़के Congress के पवन खेड़ा, लगाए गंभीर आरोप

Pawan Khera Alleges BJP-AAP Alliance: राजस्थान निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भाजपा और AAP पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने बारां और पिड़ावा के चुनावी समीकरणों का हवाला देते हुए AAP को भाजपा की ‘बी-टीम’ बताया।
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Sep 22, 2026
pawan khera
पवन खेड़ा (File Photo)

जयपुर. राजस्थान में नगर निकायों के अध्यक्ष और सभापति पद के चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद बाद कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) को लेकर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने बारां नगर परिषद और झालावाड़ के पिड़ावा नगरपालिका में बने चुनावी समीकरणों का हवाला देते हुए AAP पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने इसे कांग्रेस को बाहर रखने का तरीका बताया।

सोशल मीडिया पर पोस्ट में क्या लिखा?

पवन खेड़ा ने पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा और आप की मिलीभगत राजस्थान में एक बार पिर उजागर हो गई है। कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के लिए आम आदमी पार्टी भाजपा की टीम-बी बन गई है। आगे उन्होंने लिखा कि बारां और झालावाड़ (पिड़ावा) में सामने आए घटनाक्रमों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आम आदमी पार्टी किस तरह भाजपा के इशारों पर काम कर रही है।

Pawan Khera Post

क्या हुआ था बारां नगर परिषद में?

बारां नगर परिषद सभापति चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) की शीतल राठौड़ ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी भारद्वाज को 11 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। इसके साथ ही परिषद में कांग्रेस का 15 साल पुराना दबदबा खत्म हो गया। कुल 60 वार्डों में से AAP के पास 31 पार्षदों का स्पष्ट बहुमत था, जबकि कांग्रेस के 18, भाजपा के 9 और 2 निर्दलीय जीते थे। वोटिंग में शीतल राठौड़ को पूरे 31 वोट मिले, वहीं मीनाक्षी भारद्वाज को 20 मत प्राप्त हुए। यहां चर्चा वाली बात यह रही कि भाजपा के नवनिर्वाचित एक भी पार्षद ने मतदान में हिस्सा ही नहीं लिया।

झालावाड़ की पिड़ावा नगरपालिका में क्या रहा परिणाम?

झालावाड़ जिले की पिड़ावा नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव का नतीजा भाजपा के पक्ष में रहा। यहां पिड़ावा नगरपालिका में कुल 20 वार्ड हैं, लेकिन किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस 8 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही थी, जबकि भाजपा के 6, आम आदमी पार्टी (AAP) के 5 और एक निर्दलीय पार्षद जीता था। बहुमत के लिए 11 वोट चाहिए थे। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के राजू माली ने बाजी मारी। उन्हें कुल 12 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के प्रत्याशी रणजीत सिंह चौहान को 8 वोट मिले। यानी बीजेपी को निर्दलीय और आप पार्टी का समर्थन मिला।