
जयपुर।
ताज़ा कटौती पेट्रोल पर 40 पैसे हुई है जबकि डीज़ल 32 पैसे प्रति लीटर की कमी आई है। इंडियन ऑइल की ओर से जारी कीमतों के मुताबिक़ जयपुर में पेट्रोल की बदली हुई दर 79 रूपए 78 पैसे हो गई है जबकि डीज़ल के नए दाम 72 रूपए 71 पैसे हो गए हैं।
तो अभी और कम होंगी कीमतें!
इधर, सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के संकेत दिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि जीएसटी परिषद् की अगली बैठक में इसपर मंथन किया जा सकता है। इसी बैठक में प्राकृतिक गैस को इसके दायरे लाने पर निर्णय लिया जायेगा।
जीएसटी परिषद् के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सबसे पहले प्राकृतिक गैस को परीक्षण के तौर पर जीएसटी के दायरे लाया जाएगा। इसके बाद विमान ईंधन को जीएसटी के दायरे में लाने की तैयारी है। कुल मिलाकर पांच पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे में लाने की योजना है, लेकिन इसके लिए कोई समय तय नहीं है।
पेट्रो पदार्थों को जीएसटी दायरे में लाने की उठी मांग
हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई तेजी के बाद इसको जीएसटी के दायरे में लाने की मांग जोर-शोर से उठी है। अभी यह जीएसटी के दायरे में नहीं है और इस पर राज्य मूल्य वर्धित कर (वैट) लगाते हैं जबकि केंद्र सरकार उत्पाद कर लगाती है।
पेट्रोलियम मंत्री भी कर चुके हैं वकालत
देश में पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों से केंद्र सरकार भी परेशान है। बीते माह पेट्रोल की कीमतें 80 रुपए प्रति लीटर तक पहुंचने के बाद लोगों ने सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग की थी। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कई बार वकालत कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पेट्रोल-डीजल जीएसटी के दायरे में आ जाते हैं तो इनकी कीमतों में बड़ी गिरावट आएगी