
Student Protest At Patrika Gate Jaipur: ‘पेपर लीक फास्टर देन मैगी कुक’, ‘छोटी बच्ची हो क्या?’ और ‘चेंज बिगिन्स व्हेन वी रिफ्यूज टू स्टे साइलेंट’… जैसे जेन-जी स्लैंग, तीखे व्यंग्य और अनोखे पोस्टरों के जरिये युवाओं ने शुक्रवार को पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। जवाहर सर्कल स्थित पत्रिका गेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन दूसरे दिन शुक्रवार रात तक जारी रहा। तेज बारिश के बावजूद युवा अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। शाम को भीड़ बढ़ने से जवाहर सर्कल के आसपास ट्रैफिक जाम के हालात बन गए। शुरुआत में करीब 200 से 300 युवाओं की मौजूदगी से शुरू हुआ यह आंदोलन शाम होते-होते तीन से चार गुना बड़ा हो गया।
प्रदर्शन के दौरान युवाओं के हाथों में संविधान की प्रतियां, डॉ. भीमराव आंबेडकर और शहीद भगत सिंह के चित्र दिखाई दिए। वहीं प्रधानमंत्री, इतालवी पीएम जॉर्जिया मेलोनी और शिक्षा मंत्री पर केंद्रित व्यंग्यात्मक पोस्टर भी नजर आए। प्रदर्शनकारियों ने ‘जय भीम’, ‘इंकलाब जिंदाबाद’, ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘वी वॉन्ट जस्टिस’ के नारे लगाए और राष्ट्रगान गाकर एकजुटता दिखाई। कई युवाओं ने गीतों और कविताओं के माध्यम से भी अपना विरोध जताया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन की तर्ज पर इस प्रदर्शन को भी आम जनता का भरपूर समर्थन मिला। जो लोग सीधे मौके पर नहीं पहुंच सके, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए ऑनलाइन खाना, पानी की बोतलें, समोसे और अन्य खाद्य सामग्रियां भिजवाकर अपना समर्थन जताया।
प्रदर्शन की कवरेज करने पहुंचीं कुछ महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया कि भीड़ में मौजूद कुछ अराजक तत्वों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्हें घेरने और वहां से जबरन हटाने का प्रयास किया गया। मौके पर पुलिस बल तैनात होने के बावजूद कुछ युवकों के पीछे भागने से कुछ देर के लिए असुरक्षा का माहौल बन गया।
उधर, राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्र नेता शुभम रेवाड़ का अनिश्चितकालीन अनशन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शुभम ने कहा कि यह आंदोलन देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और सम्मान की लड़ाई है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक अनशन और आंदोलन पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा।