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Rajasthan News: राजस्थान आने से पहले पीएम मोदी का बड़ा तोहफा, इन 8 शहरों की हो गई बल्ले-बल्ले

PM E-Bus Service: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान दौरे से पहले बड़ा तोहफा दिया है। ऐसे में राजधानी जयपुर सहित आठ शहरों में प्रदूषण कम करने के लिए कुछ अच्छा होने जा रहा है। ​जानिए, सबकुछ
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Updated: 24 Aug 2024, 10:03 AM IST
PM Modi Rajasthan Tour
फाइल फोटो

PM E-Bus Service in Rajasthan: जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अगस्त को राजस्थान आ रहे है। जोधपुर दौरे से पहले पीएम मोदी ने राजस्थान को बड़ा तोहफा दिया है। मोदी सरकार ने राजस्थान के 8 शहरों में ई-बस सेवा के लिए 100 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता के रूप में 35.84 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। साथ ही सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए 7 शहरों के लिए 34.47 करोड़ रुपए की भी स्वीकृति देकर पहली किश्त के रूप में 8.62 करोड़ रुपए की राशि जारी की है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने केन्द्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप पीएम ई-बस सेवा के तहत प्रदेश में ई-बसों का संचालन शीघ्र शुरू हो सकेगा। ई-बस सेवा के माध्यम से प्रदेश में शहरी परिवहन दक्षता में वृद्धि होने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन सेवा का भी विस्तार होगा।

गौरतलब है कि विद्युत आधारभूत संरचना विकास (बिहाइंड द मीटर) के लिए डिस्कॉम से कराए जाने वाले डिपोजिट कार्य के लिए सौ प्रतिशत राशि और शेष कार्य के लिए स्वीकृत राशि की 25 प्रतिशत राशि प्रथम किश्त के रूप में जारी की गई है।

राजस्थान के इन शहरों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बस

राजस्थान के 8 शहरों में जल्द ही प्रधानमंत्री ई-बसें दौड़ेंगी। शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा शुरू की गई है। उसी तर्ज पर राजस्थान के 8 शहरों में 500 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। ये बसें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, अलवर, अजमेर और बीकानेर में चलाई जाएंगी। खास बात ये है कि राजधानी जयपुर में सबसे ज्यादा 300 बस चलेंगी।

इन डिपो पर होगा काम

अजमेर शहर के नोसर घाटी डिपो, अलवर के खसरा नं. 1931 टोल प्लाजा के पास डिपो, बीकानेर के नाल रोड, शराह नथानियां डिपो, भीलवाड़ा के मोहनलाल सुखाडिया नगर योजना, टंकी के बालाजी, जोधपुर के झालामण्ड, कोटा के सुभाष नगर, उदयपुर के ढोल की पाटी डिपो के लिए विद्युत आधारभूत संरचना विकास एवं सिविल डिपो आधारभूत संरचना विकास के लिए यह स्वीकृति मिली है।