जयपुर

जयपुर में आतंकी ‘खरगोश’ के खुलासे के बाद एक्शन, सड़वा में पुलिस का बड़ा सर्च और वेरिफिकेशन ऑपरेशन

Jaipur Security Alert: जयपुर के जयसिंहपुरा खोर स्थित सड़वा इलाके में लश्कर आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश के एक साल तक गुमनाम रहकर रहने के खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है।

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Apr 25, 2026
लश्कर आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश, पत्रिका फोटो
लश्कर आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश, पत्रिका फोटो

Jaipur Security Alert: जयपुर के जयसिंहपुरा खोर स्थित सड़वा इलाके में लश्कर आतंकी उमर हारिस उर्फ खरगोश के एक साल तक गुमनाम रहकर रहने के खुलासे के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी (नॉर्थ) करन शर्मा के निर्देश पर इलाके में बड़े स्तर पर पुलिस वेरिफिकेशन अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत पहली बार पुलिस टीम घर-घर जाकर लोगों की पहचान और उनके रहने की पूरी जानकारी जुटाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सड़वा क्षेत्र की घनी आबादी और बाहरी लोगों की अधिकता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अभियान के दौरान हर घर में रहने वाले व्यक्तियों की संख्या, उनका स्थायी पता, यहां रहने की अवधि और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जाएगी। इसके साथ ही किरायेदारों और मकान मालिकों के बीच जिम्मेदारी भी तय की जाएगी, ताकि बिना वेरिफिकेशन के किसी को भी किराए पर कमरा न दिया जाए।

लंबे समय से रहने वालों पर होगा फोकस

पुलिस का फोकस खासतौर पर उन लोगों पर रहेगा, जो लंबे समय से बिना किसी आधिकारिक पहचान के यहां रह रहे हैं या जिनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होती हैं। ऐसे लोगों की अलग से पड़ताल की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनसे पूछताछ भी की जाएगी।

किराएदारों का होगा डेटा बेस तैयार

अधिकारियों का कहना है कि सड़वा इलाके में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रहते हैं, जिनमें से कई लोग एक ही कमरे में समूह बनाकर रहते हैं। इस कारण सही रिकॉर्ड तैयार करना मुश्किल हो जाता है। अब पुलिस सभी किरायेदारों का डाटा बेस तैयार करेगी, जिससे भविष्य में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत ट्रैक किया जा सके।

पुलिस लोगों को करेगी जागरूक

इसके अलावा, पुलिस स्थानीय लोगों को भी जागरूक कर रही है कि वे अपने आसपास होने वाली गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी अनजान व्यक्ति या संदिग्ध व्यवहार की सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का मानना है कि सामुदायिक सहयोग से ही ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

पुलिस का यह अभियान आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र में सघन रूप से चलाया जाएगा, जिससे न केवल संदिग्धों की पहचान हो सके, बल्कि इलाके की सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत हो सके।

Published on:
25 Apr 2026 06:42 am