जयपुर

Rajasthan Politics: ‘इंतजारशास्त्र’ पर सियासत गरम, सवालों से बच रही सरकार, गहलोत बोले, “नेताओं के पास नहीं कोई स्पष्ट जवाब”

Political Controversy: विपक्ष का अधिकार बनाम सरकार की चुप्पी, गहलोत ने उठाए जवाबदेही के सवाल। ‘इंतजारशास्त्र’ विवाद पर गहलोत का हमला, भाजपा नेताओं पर टालमटोल के आरोप।

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Apr 06, 2026
कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फाइल फोटो पत्रिका

Intazaarshastra: जयपुर। राजस्थान की राजनीति में ‘इंतजारशास्त्र’ को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने सोमवार को सिविल लाइंस स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा नेताओं पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास ठोस जवाब नहीं है और इसी कारण उसके नेता उलझुलूल बयान दे रहे हैं।

गहलोत ने कहा कि जब किसी के पास जवाब नहीं होता, तो वह विषय से भटकने लगता है। “इनकी हिम्मत ही नहीं है कि सीधे सवालों का जवाब दें। जब व्यक्ति बौखला जाता है, तो उसका दिमाग सही तरीके से काम नहीं करता और वह इधर-उधर की बातें करने लगता है। यही स्थिति इस समय सरकार की हो गई है,” उन्होंने कहा।

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कोई भी ‘इंतजारशास्त्र’ पर स्पष्ट और ठोस जवाब देने को तैयार नहीं

उन्होंने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि अलग-अलग नेताओं को सामने लाकर बयान दिलवाए जा रहे हैं, लेकिन कोई भी ‘इंतजारशास्त्र’ पर स्पष्ट और ठोस जवाब देने को तैयार नहीं है। गहलोत के अनुसार, यह मुद्दा साफ और स्पष्ट है, लेकिन सरकार जानबूझकर इसे घुमा रही है। “कम से कम यह तो बताएं कि काम में छह महीने लगेंगे या सात महीने, या फिर देरी का कारण क्या है। लेकिन यहां तो कोई समयसीमा बताने को भी तैयार नहीं है,” उन्होंने कहा।

लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना

पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना होता है और सरकार को उसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी हार को विनम्रता के साथ स्वीकार किया है और अब वह विपक्ष की भूमिका निभा रही है। “जनता ने हमें विपक्ष में बैठाया है, इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम जनहित के मुद्दों पर सवाल उठाएं,” गहलोत ने कहा।

विपक्ष के सवालों को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए

उन्होंने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि विपक्ष के सवालों को व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा मानकर जवाब देना चाहिए। “सरकार को चाहिए कि वह पारदर्शिता बनाए रखे और जनता के सामने स्पष्ट स्थिति रखे। लेकिन इसके बजाय अगर गुस्से में या दबाव में आकर गलत बयान दिए जाएंगे, तो इससे स्थिति और बिगड़ेगी,” उन्होंने जोड़ा।

गहलोत ने अंत में कहा कि जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह गंभीरता से मुद्दों को लेकर जवाब दे, ताकि जनता का विश्वास बना रहे और लोकतंत्र मजबूत हो सके।

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Updated on:
06 Apr 2026 08:57 pm
Published on:
06 Apr 2026 08:55 pm
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