Voter Awareness: प्रदेश के 52,500 बीएलओ होंगे प्रशिक्षित, निर्वाचन प्रक्रिया को मिलेगा नया आयाम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी का निर्देश—मतदाताओं को कतारों से मिलेगी राहत, बूथ होंगे पुनर्गठित।
Polling Booth Reorganization: जयपुर। प्रदेश में मतदान प्रक्रिया को अधिक सुचारु, पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मतदान केन्द्रों पर मतदाता संख्या 1200 से अधिक है अथवा गत विधानसभा व लोकसभा चुनावों में देर तक कतारें लगी थीं, उन पोलिंग बूथों का शीघ्र पुनर्गठन सुनिश्चित किया जाए।
महाजन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग 2 जुलाई को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बीएलओ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसमें राजस्थान के लगभग 200 बीएलओ भी भाग लेंगे। शेष 52 हजार 500 बीएलओ को जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मतदान केंद्र स्तर पर राजनीतिक दलों के बीएलए (एजेंट) की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी बीएलओ को पहचान-पत्र समय पर जारी किए जाएं।
नवगठित जिलों में निर्वाचन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए महाजन ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, ईवीएम वेयरहाउस, जिला कॉल सेंटर, ईआरओ-नेट पर कंट्रोल टेबल अपडेट, आईटी-इनेबल्ड सेल की स्थापना और संबंधित समितियों के गठन जैसे कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विकसित ईसीआईनेट नामक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का ट्रायल शुरू हो चुका है। यह प्लेटफॉर्म चुनाव संबंधी 40 से अधिक मोबाइल व वेब एप्स को एकीकृत करेगा, जिससे नागरिक, चुनाव अधिकारी, मीडिया व राजनीतिक दल सभी को एक ही स्थान पर सरल व त्वरित सेवाएं उपलब्ध होंगी।