जयपुर

डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी फेल होने का सिलसिला जारी, जयपुर में नया मामला; 4 दिन से डायलिसिस पर महिला

Postpartum kidney failure: डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की किडनी फेल होने का एक और नया मामला जयपुर में सामने आया है। डिलीवरी के 24 घंटे बाद एक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। उसे SMS अस्पताल रेफर किया गया, जहां जांच के बाद डायलिसिस शुरू किया गया।
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Sep 01, 2026
dialysis after delivery
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जयपुर। राजस्थान में डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल्योर के मामले सामने आने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब जयपुर में भी ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है। जयपुरिया हॉस्पिटल में डिलीवरी के करीब 24 घंटे बाद प्रसूता की किडनी में परेशानी सामने आई। हालत बिगड़ने पर उसे सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) रेफर किया गया, जहां जांच के बाद उसका डायलिसिस शुरू किया गया है।

डिलीवरी के अगले दिन अचानक बिगड़ने लगी हालत

हॉस्पिटल से मिली जानकारी के मुताबिक प्रसूता प्रीति शर्मा की 25 अगस्त को हॉस्पिटल में डिलीवरी हुई थी। डिलीवरी के बाद करीब 24 घंटे तक उसकी हालत नॉर्मल थी। इसके बाद अचानक उसका यूरिन आउटपुट बंद हो गया। यूरिन बंद होने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे आगे के इलाज के लिए सवाई मानसिंह हॉस्पिटल रेफर कर दिया।

SMS में जांच के बाद शुरू किया गया डायलिसिस

SMS हॉस्पिटल पहुंचने के बाद प्रसूता को मेडिसिन डिपार्टमेंट में भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने जरूरी जांचें कीं। जांच के दौरान किडनी से जुड़ी समस्या सामने आई, जिसके बाद उसका डायलिसिस शुरू किया गया। जानकारी के मुताबिक प्रसूता पिछले चार दिन से डायलिसिस पर है। लगातार डायलिसिस चलने के बीच उसकी हालत बिगड़ गई। फिलहाल उसका इलाज SMS हॉस्पिटल में ही किया जा रहा है।

हाल ही में कई मामले आ चुके हैं सामने

राजस्थान में डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी फेल्योर के हाल ही में कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले 2-3 महीनों में कोटा, जोधपुर और बीकानेर में भी ऐसे केस सामने आए हैं। कोटा में 4 से ज्यादा प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। इन मामलों को लेकर सरकार ने दो अलग-अलग जांच कमेटियां भी बनाई थीं, लेकिन अब तक इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।

डायलिसिस कब और क्यों शुरू किया जाता है?

डायलिसिस एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मशीन की मदद से खून से जमा गंदगी और अतिरिक्त पानी बाहर निकाला जाता है। यह खासतौर पर तब शुरू किया जाता है, जब किडनी की काम करने की क्षमता बहुत कम हो जाए या अचानक किडनी काम करना बंद कर दे।

Updated on:
01 Sept 2026 12:49 pm
Published on:
01 Sept 2026 12:49 pm