
कांग्रेस कार्यकर्ता टिकट वितरण में बाहरी कार्यकर्ताओं को टिकट देने के विरोध में प्रदर्शन करते हुए (पत्रिका फोटो)
Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान निकाय चुनाव में टिकटों की घोषणा के साथ बीजेपी और कांग्रेस की अंदरूनी सियासत खुलकर सामने आ गई है। कहीं मंत्रियों और पूर्व विधायकों के परिजन मैदान में हैं तो कहीं टिकट कटने पर पदाधिकारी इस्तीफा देकर निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। परिवारवाद, बाहरी प्रत्याशियों के विरोध और पार्टी कार्यालयों में हंगामे ने दोनों दलों की मुश्किल बढ़ा दी है। अब चुनाव सिर्फ पार्षद चुनने की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि नेताओं की प्रतिष्ठा, परिवारों के राजनीतिक प्रभाव और संगठन में अपनी पकड़ साबित करने का भी मुकाबला बन गया है।
बीजेपी ने शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के छोटे भाई कृष्ण मुरारी दिलावर को अटरू नगर पालिका के वार्ड 5 से नामांकन दाखिल किया। वार्ड 15 में पूर्व विधायक रामपाल मेघवाल के पुत्र कुलदीप चंद्रसेन ने बीजेपी प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। वहीं, इसी वार्ड में कांग्रेस के पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल के बड़े भाई बिशनलाल ने भी वार्ड 15 से नामांकन दाखिल किया था, लेकिन बिशनलाल मेघवाल को कांग्रेस से टिकट नहीं मिला। कांग्रेस ने वार्ड नंबर 15 से राकेश मेघवाल को अपना प्रत्याशी बनाया है।
नगर परिषद डूंगरपुर के बीजेपी की ओर से प्रत्याशियों की सूची जारी करने के साथ ही बगावत के स्वर भी उठने लगे हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने बाहरी को प्रत्याशी घोषित करने पर नाराजगी जताते हुए पार्टी कार्यालय पहुंचे एवं विरोध दर्ज कराया। कार्यालय में गहमागहमी बनी रही। कई जगह अंदरखाने में नाराजगी के हालात भी बने। पार्टी पदाधिकारी अब नाराज दावेदारों की समझाइश में जुट गए हैं।
कोटा नगर निगम में कांग्रेस ने नामांकन भरने के ऐनवक्त पहले सोमवार को सिंबल जारी किए। इससे कार्यकर्ताओं को बगावत कर निर्दलीय नामांकन भरने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, प्रत्याशी घोषित होने के बाद कांग्रेस में कई वार्डों में विरोध हो रहा है।
विधानसभा चुनाव में अलवर शहर सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अजय अग्रवाल की पत्नी सुमनलता को बीजेपी ने वार्ड 7 से टिकट दिया है। वहीं, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा की पत्नी कमलेश को वार्ड 39 से प्रत्याशी बनाया है। वार्ड 20 में बीजेपी ने निवर्तमान मेयर की पुत्रवधू बीना गुप्ता को मैदान में है। इसी तरह विस चुनाव में बसपा प्रत्याशी नीलेश खंडेलवाल की पुत्रवधू अपूर्वा शर्मा बीजेपी के टिकट से वार्ड 36 से चुनाव लड़ रही हैं।
अलवर के श्रीकेशव मंडल के अध्यक्ष महेश निहालवानी और उनकी नाराज कार्यकारिणी को मनाने के लिए बीजेपी नेता दिनभर जुटे रहे। बीजेपी प्रवक्ता नरेश धानावत ने इस्तीफा दे निर्दलीय के रूप में नामांकन किया है। बीजेपी के श्री माधव मंडल में मंत्री एवं विहिप के पूर्व पूर्व विभाग विभाग मंत्री घनश्याम दत्त गुप्ता ने भी इस्तीफा दे निर्दलीय नामांकन कर दिया। विवेकानंद मंडल के अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़ ने भी इस्तीफा दिया था, लेकिन उन्हें मना लिया।
बेगूं नगर पालिका के चार वार्डों में बीजेपी प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन होना तय है। वार्ड 6, 7, 34 और 35 में केवल एक-एक (बीजेपी प्रत्याशी का) नामांकन मिलने से यहां मुकाबला नहीं है। जांच सही पाए जाने पर इनका निर्विरोध तय माना जा रहा है। वहीं, जालोर जिले के भीनमाल नगर पालिका के वार्ड 11 से बीजेपी प्रत्याशी दीपक देवासी का भी निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। वार्ड 11 से दीपक ने ही पर्चा दाखिल किया। कोई दूसरा फॉर्म नहीं आया।
बीजेपी शहर मंडल अध्यक्ष चन्द्रवीर सिंह जघीना टिकट कटने से नाराज हैं। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया।
पहली बार भारत आदिवासी पार्टी भी निकाय चुनाव में है। बीएपी ने सागवाड़ा नगरपालिका के 35 में से 14 वार्डों में एवं डूंगरपुर नगरपरिषद के 40 में से 12 वार्ड में प्रत्याशी खड़े किए हैं।
सीकर नगर परिषद में कांग्रेस ने पूर्व सभापति जीवण खां और उनकी पत्नी खतीजा बानो को टिकट दिया है। पूर्व उपसभापति अशोक चौधरी और उनकी पुत्रवधू को भी कांग्रेस ने मैदान में उतारा है। बीजेपी ने पूर्व विधायक रतन जलधारी के पोते यश जलधारी को टिकट दिया है।
फतेहपुर में बीजेपी ने वार्ड 34 से विमल भारद्वाज और वार्ड 51 से उनकी भतीजे की बहू शिवानी शर्मा को टिकट दिया है। वहीं, वार्ड 48 से दयानंद सैनी और वार्ड 39 से उनकी बहन कौशल्या देवी को प्रत्याशी बनाया है।
खंडेला में बीजेपी ने वार्ड 5 से विकास बडगुर्जर और वार्ड 6 से उनकी पत्नी बिमला को टिकट दिया है। कांग्रेस ने वार्ड 13 से भूराराम और वार्ड 9 से उनके पुत्र सुभाष को प्रत्याशी बनाया है।
लक्ष्मणगढ़ में बीजेपी ने वार्ड 34 से सरोज देवी और वार्ड 29 से उनकी पुत्रवधू शीतल जोशी को टिकट दिया है। दोनों ने सोमवार को साथ नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस ने वार्ड 21 से परमेश्वरी देवी और वार्ड 25 से उनके पुत्र संजीव को मैदान में उतारा है।
पोकरण के वार्ड संख्या 7 से कल्पना पत्नी गोपाल रंगा ने कांग्रेस से और वार्ड संख्या 8 में उसकी सास पुष्पा पत्नी नारायण रंगा ने कांग्रेस से नामांकन जमा करवाया है। इसी प्रकार वार्ड संख्या 10 में कांग्रेस से शांतिलाल पुत्र रामदयाल व्यास ने नामांकन पत्र जमा करवाया। जबकि उनके सामने बीजेपी से उनके भतीजे हुकमीचंद ने नामांकन जमा करवाया है। ऐसे में काका-भतीजा आमने-सामने चुनाव लड़ रहे हैं।
बीजेपी ने इस बार जयपुर समेत कई शहरों में कई वार्डों से मुस्लिम समाज के स्थानीय चेहरों को भी प्रत्याशी बनाकर सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है। पार्टी के इस कदम को उसकी व्यापक सामाजिक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। जयपुर शहर में ही आठ प्रत्याशी बनाए गए है। बीजेपी की रणनीति इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राजस्थान में पार्टी ने किसी मुस्लिम प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारा था।
Updated on:
01 Sept 2026 11:18 am
Published on:
01 Sept 2026 10:36 am
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