
अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद परीक्षा रद्द। फोटो: पत्रिका
जयपुर। नीट-पीजी परीक्षा के दौरान एक दिन पहले तकनीकी खराबी से विवादों में आए सीतापुरा स्थित आईओएन (इंटेलीजेंस ऑन नेटवर्क) डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर सोमवार को फिर खामियां सामने आईं। अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एम्स) के कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम-5 (सीआरई-5) के री-एग्जाम के दौरान सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा करीब आधा घंटे देरी से शुरू हुई, लेकिन 20 मिनट बाद ही सर्वर ठप हो गया। लोड नहीं आने के कारण बिजली बंद होती रही। इससे करीब 1500 अभ्यर्थी परेशान हो गए। नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र पर हंगामा किया। सूचना पर पुलिस पहुंची। काफी समझाइश के बाद अभ्यर्थियों ने लिखित में अपनी मांग रखी। इसके बाद इस सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई।
एक अभ्यर्थी ने बताया कि परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी। करीब दस मिनट पहले सिस्टम में लॉगिन किया गया। कुछ देर बाद सर्वर ठप हो गया और अभ्यर्थी आधा घंटे तक बैठे रहे। बाद में सिस्टम चला, लेकिन दूसरे सेक्शन के प्रश्न पूरे नहीं हुए थे कि सर्वर फिर ठप हो गया। परीक्षा का समय भी पूरा हो रहा था। जिम्मेदार कुछ देर में सिस्टम ठीक होने की बात कहते रहे, लेकिन सुधार नहीं हुआ। इसके बाद अभ्यर्थी गुस्सा हो गए और बाहर आकर हंगामा शुरू कर दिया।
अभ्यर्थियों के अनुसार, 25 जुलाई को हुई परीक्षा में कई प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस आने के बाद री-एग्जाम कराने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद 31 जुलाई को परीक्षा कराए जाने की बात कही गई, लेकिन उस दिन भी परीक्षा नहीं हो सकी। अब 31 अगस्त को री-एग्जाम कराया गया तो सेंटर पर सर्वर ठप हो गया।
छात्रों की मांग के बाद इस सेंटर पर री-एग्जाम रद्द कर दिया गया है। अब इसे 7 सितम्बर को कराने की बात कही गई है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार तकनीकी खामी आने से उनकी परीक्षा प्रभावित हो रही है।
अभ्यर्थियों ने सवाल खड़े किए कि जब संबंधित कंपनी परीक्षा आयोजन की व्यवस्थाएं संभाल नहीं पा रही तो बार-बार उसे जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है। अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा के लिए दूर-दराज से आना होता है। ऐसे में समय के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है।
जयपुर में आयोजित परीक्षाओं के दौरान तकनीकी बाधा को लेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने आधिकारिक बयान जारी किया है। टीसीएस आयन ने स्पष्ट किया है कि जयपुर स्थित आईडीजेड सीतापुरा केंद्र पर नीट पीजी 2026 और एम्स सीआरई दोनों परीक्षाओं के दौरान आंतरिक रूप से बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या सामने आई थी। कंपनी ने इस व्यवधान के पीछे अज्ञात स्थानीय विद्युत संबंधी समस्याओं को जिम्मेदार ठहराया है।
Updated on:
01 Sept 2026 09:07 am
Published on:
01 Sept 2026 09:07 am
