Shiv Mahapuran: मानसरोवर में 20 से 26 मार्च तक श्री शिव पुराण कथा: 11 हजार महिलाओं की ऐतिहासिक कलश यात्रा से हुआ आगाज। भोले बाबा के जयकारों से गूंजा जयपुर: वीटी रोड मेला ग्राउंड में प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा, 4 लाख वर्गफीट का पांडाल तैयार।
Shiv Puran Katha: जयपुर। जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले आगामी 20 से 26 मार्च तक मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर होने वाले श्री शिव पुराण कथा व श्री महामृत्युंजय महायज्ञ के लिए रविवार को 11 हजार महिलाओं की ऐतिहासिक कलश बैंड बाजों की मधुर स्वर लहरियों व जयकारों के बीच निकाली गई। इस दौरान आसपास का क्षेत्र भोले बाबा की मधुर स्वर लहरियों और श्रद्धा और आस्था के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मार्ग में पुष्प वृष्टि करते हुए कलशयात्रा का भव्य स्वागत किया।
आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री व मनोज पांडे ने बताया कि यह ऐतिहासिक कलश यात्रा मानसरोवर के केएल सैनी स्टेडियम से पूजा-अर्चना के साथ रवाना हुई।
कलश यात्रा इतनी लंबी थी कि मानसरोवर के साथ-साथ जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग देखते रहे। कलशयात्रा के स्वागत में करीब 3 दर्जन के आसपास स्वागत बनाएं गए। इस दौरान कई स्थानों पर लोग कलशयात्रा का इंतजार करते दिखे,जैसे ही कलशयात्रा आई,वैसे ही भोले बाबा के जयकारे लगाकर पुष्प वर्षा कर कलशयात्रा का स्वागत किया,इधर मार्ग में सभी समाज के लोगों ने इस शोभायात्रा का स्वागत किया। यह कलशयात्रा केएल सैनी स्टेडियम से शुरू हुई जो विभिन्न मार्गों से होती हुई कथा स्थल मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान मार्ग में जल सेवा देकर स्वागत किया।
मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड पर जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले आगामी 20 से 26 मार्च तक श्री शिव पुराण कथा व श्री महामृत्युंजय महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा अपने मुखारबिन्दु से जयपुर के साथ-साथ देशभर से आए भक्तों को शिव कथा सुनाएंगे। आयोजन को लेकर प्रदेश के साथ-साथ देश भर के श्रद्धालओं में खासा उत्साह है।
अत्री व मनोज पांडे ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर वाटरप्रूफ पांडाल करीब 4 लाख स्क्वाॅयर फीट का पांडाल बनाया जा रहा है जिसमें करीब 1 लाख के आसपास श्रद्धालु बेठ सकते हैं। पांडाल व भव्य यज्ञशाला को पिछले कई दिनों से दिन-रात 400 के आसपास कारीगर तैयार करने में जुटे हुए है।