Rajasthan AI ML Policy 2026: भांकरोटा-दूदू जैसे हादसों का होगा अंत। AI अब हादसों की भविष्यवाणी कर सकता है और समय रहते अलर्ट देकर बचा सकता है जान। AI एनालिसिस पॉलिसी राजस्थान में भी लागू होने की उम्मीद।
मोहित शर्मा.
AI in Road Safety: जयपुर. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ चैटबॉट या इमेज बनाने तक सीमित नहीं रहा – यह सड़क सुरक्षा में क्रांति ला रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) दावोस 2026 में 'सेव लाइफ फाउंडेशन' के फाउंडर और CEO पीयूष तिवारी ने खुलासा किया कि AI अब हादसों की भविष्यवाणी कर सकता है और समय रहते अलर्ट देकर जानें बचा सकता है। खासकर भारत जैसे देशों में जहां हाईवे पर खड़ी गाड़ियां एक्सीडेंट की बड़ी वजह हैं। अगर यह तकनीक जल्दी लागू हुई तो जयपुर में हुए भांकरोटा-सावरदा जैसे बड़े हादसे इतिहास बन सकते हैं। हाईवे पर हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए AI एनालिसिस पॉलिसी राजस्थान में भी लागू होने की उम्मीद बंधी है।
यह तकनीक राजस्थान के जयपुर-अजमेर हाईवे जैसे हाई-रिस्क रूट्स पर वरदान साबित हो सकती है, जहां हाल के वर्षों में खड़ी/पार्क्ड गाड़ियों से जुड़े भयानक हादसे हो चुके हैं।
भांकरोटा हादसा: AI अलर्ट की कमी की बड़ी कीमत20 दिसंबर 2024 को भांकरोटा (जयपुर-अजमेर हाईवे) पर एक LPG टैंकर ने U-टर्न लेते हुए ट्रक से टक्कर मारी, जिससे भीषण आग लग गई। करीब 20 लोगों की मौत हुई, 35-40 से ज्यादा घायल हुए, और दर्जनों गाड़ियां जलकर खाक हो गईं। CCTV फुटेज में दिखा कि गैस लीक के बाद ब्लास्ट हुआ और पूरा इलाका इन्फर्नो बन गया। यह हादसा हाईवे पर अचानक U-टर्न और ट्रैफिक कंफ्लिक्ट की वजह से हुआ – ठीक वही समस्या जो AI से सॉल्व हो सकती है।
सावरदा-दूदू में दोबारा दोहराया गया हादसा
इसके बाद 2025 में सावरदा पुलिया (दूदू के पास, मौजमाबाद इलाका) पर एक केमिकल टैंकर ने पार्क्ड LPG सिलेंडर ट्रक से टक्कर मारी। ट्रक ढाबे के पास पार्क था, जिससे मल्टीपल एक्सप्लोजन हुए, एक मौत हुई, कई घायल। आग ने आसपास की गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया।दोनों हादसों में कॉमन वजह: हाईवे पर खड़ी गाड़ियां, जो पीछे से आने वाली वाहनों के लिए मौत का जाल बन जाती हैं।
हाईवे पर खड़ी गाड़ियों की पहचान: AI-लैस ड्रोन और हाई-रेज कैमरे रियल-टाइम में स्कैन करते हैं। खराब या पार्क्ड व्हीकल डिटेक्ट होते ही अलर्ट जारी – ड्राइवर को वॉर्निंग या ट्रैफिक कंट्रोल को सिग्नल।चौराहों/हाईवे पर हीटमैप: AI कैमरे वाहनों की निकटता (proximity) से कंफ्लिक्ट डिटेक्ट करते हैं। हाई-रिस्क स्पॉट्स (जैसे भांकरोटा या सावरदा पुलिया) का 'हीटमैप' बनता है, जिससे ब्लैक स्पॉट्स पहले ही आईडेंटिफाई हो जाते हैं।
प्रेडिक्टिव एनालिसिस: AI पास्ट डाटा, ट्रैफिक पैटर्न और रियल-टाइम फीड से हादसे की संभावना बताता है – एक्सीडेंट होने से मिनट पहले अलर्ट!सरकार का सपोर्ट: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पहले ही घोषणा की है कि AI से एक्सीडेंट डाटा एनालिसिस, ब्लैक स्पॉट्स मैपिंग और DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में यूज होगा। राजस्थान में भी AI-ML पॉलिसी 2026 के तहत ऐसे टूल्स अपनाने की तैयारी है।