
Employee Transfers in Rajasthan: जयपुर। राज्य सरकार की ओर से 22 दिन से चल रहा बोर्ड, निगम और राज्य कर्मचारियों के तबादलों का दौर शुक्रवार को थम गया। अंतिम दिन अधिकांश विभागों की तबादला सूचियां रातभर जारी होती रही। आधी तक कई विभागों की तबादला सूचियां जारी नहीं हो सकी थीं। हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना था कि उनके कार्यालय से सूचियां मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी गई हैं। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद विभागों ने सूचियां जारी करना शुरू किया।
उधर, कर्मचारी अपने नाम की पड़ताल के लिए विभागीय वेबसाइटों पर रिफ्रेश का बटन दबाते रहे। प्रदेश में तबादलों की प्रक्रिया पहले 19 जून से 5 जुलाई तक निर्धारित थी। बाद में राजस्थान सरकार ने इसकी अवधि बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी थी। इसके बावजूद बिजली, परिवहन, नगरीय विकास, स्वायत्त शासन, जलदाय, कृषि, पुलिस, पीडब्ल्यूडी, गृह, वित्त खान, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज सहित तमाम विभागों की सूचियां देर रात तक जारी नहीं हो सकीं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार तबादला प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिए गए थे। वहां से जैसे-जैस सूचियों को हरी झंडी मिली, वैसे ही सूचियां जारी की जाती रही। आधी रात तक कुछ विभागों ने वरिष्ठ अधिकारियों की सूचियां जरूर जारी की थी। बताया जा रहा है कि प्रदेश में सभी विभागों और बोर्ड व निगमों में करीब एक लाख कार्मिकों के तबादलों को लेकर सूचियां तैयार की गई थीं।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक दिन पहले करीब 763 कर्मचारियों के तबादले करने के बाद शुक्रवार को विभाग ने करीब 1,300 और कर्मचारियों के तबादला आदेश जारी किए। वहीं शिक्षा विभाग ने पिछले दो दिनों में 10 हजार से अधिक कार्मिकों के तबादले करने के बाद तीसरे दिन भी करीब 5 हजार शिक्षकों की तबादला सूची जारी की। इससे शिक्षा विभाग में तीन दिनों के दौरान तबादलों का आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया। इसी प्रकार बिजली कंपनियों में रात ग्यारह बजे तक करीब 1500 अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर सूची जारी हो चुकी थी। इनमें सबसे अधिक तबादले जयपुर विद्युत वितरण निगम में हुए थे।
देर रात तबादला सूचियों का कार्मिक इंतजार कर रहे थे। तभी तबादला अवधि 15 जुलाई तक बढ़ाने का फर्जी आदेश वायरल हो गया। इसकी पुष्टि प्रशासनिक सुधार विभाग से हुई। राज य में तबादलों की मारामारी के बीच तबादलों की अवधि विस्तार तो कभी विभाग की तबादला सूची फर्जी तैयार कर वायरल की गई। सबसे पहले जयपुर डिस्कॉम की 105 तकनीकी कार्मिकों की तबादलों सूची सोशल मीडिया पर वायरल हुई। कर्मचारियों ने पड़ताल की तो स्पष्ट हुआ कि यह सूची फर्जी है। बताया जा रहा है कि पिछले साल की की सूची को तारीख बदल कर जारी कर दिया गया।
1. आधी रात बाद तक मंजूरी का इंतजार: नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन विभाग, जलदाय विभाग, जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों ने आधी रात तक भी तबादला सूची जारी नहीं हो सकी। कर्मचारी-अधिकारी इंतजार करते रहे। सूत्रों को मुताबिक सीएमओ को भेजी गई सूची को समय पर मंजूरी का इंतजार रहा।
2. समन्वय के अभाव में सूची जारी नहीं: परिवहन विभाग में उच्च अधिकारियों, मंत्री के आपसी समन्वय की कमी और सहमति नहीं बनने के कारण सूची ही जारी नहीं हुई। परिवहन आयुक्त स्तर पर सूची नहीं बनी थी, ऐसे में सब की नजर प्रमुख सचिव ऑफिस की तरफ टिकी रही। लेकिन तबादला सूची का इंतजार बना रहा।