
Rajasthan : जयपुर। राजस्थान पुलिस अकादमी में सोमवार को नवप्रशिक्षित कांस्टेबलों के बैच-102 का दीक्षांत परेड समारोह हुआ। प्रदेश के अलग-अलग शहरों, गांवों और ढाणियों से पहुंचीं 438 महिला कांस्टेबलों ने प्रशिक्षण लेकर देश और जनसेवा की शपथ ली। परेड के दौरान परिजनों की तालियों और भावुक आंखों के बीच महिला पुलिसकर्मियों ने अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ पुलिस सेवा में कदम रखा।
परेड कमांडर प्रियंका बेनीवाल के नेतृत्व में मुख्य अतिथि पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने परेड का निरीक्षण किया। एडीजीपी एवं आरपीए निदेशक संजीब कुमार नार्ज़ारी ने नवप्रशिक्षित कांस्टेबलों को शपथ दिलाई। डीजीपी ने कहा कि वर्दी को केवल पुलिस बल का हिस्सा नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सच्ची सेवा का माध्यम समझें। दीक्षांत प्रशिक्षण का अंत नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण, अनुशासन और उत्तरदायित्व की नई शुरुआत है।
डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि गृह मंत्रालय के नए मॉडल सिलेबस के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया है। पुलिसकर्मी नए आपराधिक कानूनों का गहन अध्ययन करें और जांच में डिजिटल साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी, पेपरलीक और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। उन्होंने मादक पदार्थों और अवैध हथियारों की तस्करी, सीमा पार ड्रोन से तस्करी, संगठित अपराध तथा सोशल मीडिया पर अफवाह, फर्जी खबर और डीप-फेक को नई चुनौतियां बताया। उन्होंने कहा कि इनसे निपटने में जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। कालिका यूनिट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी से कानून-व्यवस्था, आसूचना संग्रहण और सामुदायिक पुलिसिंग मजबूत हुई है।
डीजीपी शर्मा ने कहा कि पुलिस थानों को कार्यालय नहीं, ‘सेवा केंद्र’ के रूप में विकसित किया जाए। नागरिकों की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनी जाएं तथा बुजुर्गों, दिव्यांगों, गरीबों और महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी पीड़ित को समय-समय पर दी जाए।
बैच में प्रियंका बेनीवाल को सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर व ड्रिल, राशिका मीना को इंडोर, भारती शर्मा को आउटडोर, निधि शेखावत को फायरिंग और रविना को कंप्यूटर विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। निरीक्षक नितेश शर्मा और मीना वर्मा सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक रहे। समारोह में उत्कृष्ट अनुसंधान, महिला की जान बचाने, नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी, पुलिस बैंड-कैवलरी शो और गंभीर महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए*विकास कुमार सहारण, दीपक लबाना, सुरेश कुमार, सुरेश चंद्र, अनिल कुमार योगी और सुरेंद्र सिंह गुर्जर को डीजीपी डिस्क प्रदान की गई।